मैं पानी पीना बंद कर दूंगा- मराठा आरक्षण आंदोलन पर जरांगे की सीधी चेतावनी, सुले ने की विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग

मराठा आरक्षण आंदोलन राज्य की राजनीति, सामाजिक न्याय और प्रशासनिक निर्णयों के बीच एक जटिल संघर्ष बन चुका है। जहां एक ओर जरांगे संविधानिक वैधता और सामाजिक न्याय का हवाला दे रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार और अन्य राजनीतिक दल कानूनी पेचीदगियों, क्षेत्रीय विविधताओं और सामाजिक संतुलन के मुद्दों का सामना कर रहे हैं।

मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में चल रहा आंदोलन रविवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। मराठा समुदाय के लिए 10% आरक्षण की मांग को लेकर जरांगे की भूख हड़ताल शुक्रवार से शुरू हुई थी, जो अब तेज़ रूप लेती जा रही है। उन्होंने रविवार को ऐलान किया कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं, तो वह पानी पीना भी बंद कर देंगे।

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