CM Vijay in Assembly: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने आज विधानसभा में विपक्षी पार्टी डीएमके को भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दों पर घेरा। उन्होंने महिला सुरक्षा और अस्मिता को लेकर भी डीएमके को आड़े हाथों लिया। मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा, मेरी राजनीतिक जीत के पीछे महिलाएं ही मुख्य कारण हैं। मैं महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अपमानजनक भाषा बर्दाश्त नहीं करूंगा। कड़ी राजनीतिक आलोचना हो सकती है, लेकिन महिलाओं के खिलाफ कोई भी मानहानिकारक टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।
तमिलनाडु विधानसभा में सीएम विजय
कहा- जनता ने अन्ना, एमजीआर, एनटीआर और अब विजय को जनादेश दिया
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा, जनता ने अन्ना, एमजीआर, एनटीआर और अब विजय जैसे नेताओं को जनादेश दिया है। सीएम विजय ने कहा, डीएमके के एक नेता ने कहा कि जो लोग उन्हें वोट नहीं देते, उन्हें मर जाना चाहिए। वही लोग पिछले 50 सालों से उन्हें वोट देते आ रहे हैं। मैं पूछता हूं, ऐसी मानसिकता के साथ डीएमके को राजनीतिक दल क्यों बने रहना चाहिए?
डीएमके की चुनौती पर दिया ये जवाब
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा, डीएमके ने मुझे तीन विभागीय फाइलें खोलने की चुनौती दी है, जिनके बारे में मैंने कहा था कि वे पिछली डीएमके सरकार के दौरान भ्रष्टाचार से जुड़ी थीं। उन्हें खोलने से पहले, मैं 1988 में डीएमके सरकार के भ्रष्टाचार पर सरकारिया आयोग की रिपोर्ट पढ़ना चाहता हूं। सरकारिया आयोग ने अपनी रिपोर्ट में पूर्व मुख्यमंत्री करुणानिधि पर मुख्यमंत्री के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। प्रवर्तन निदेशालय ने भी डीएमके पर पार्टी फंड के माध्यम से भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ईडी ने जिक्र किया है कि पिछली सरकार के दौरान, मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और मंत्री सेंथिल बालाजी ने पार्टी फंड के नाम पर धन एकत्र किया था।
'करूर गिरोह' का किया जिक्र
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में कहा, पूर्व निषेध एवं उत्पाद शुल्क मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके साथियों ने प्रत्येक TASMAC दुकान से 10 रुपये से लेकर 100 रुपये तक की रकम वसूली। उन्हें 'करूर गिरोह' के नाम से जाना जाता था और उन्होंने संगठित तरीके से यह भ्रष्टाचार किया। जहां डीएमके है, वहां कुकर्म जरूर होगा। जहां डीएमके मौजूद है, वहां कुकर्म होता ही है।
