Indian Politics News: इजराइल और फिलिस्तीन के बीच छिड़ी जंग को लेकर भारतीय राजनीति में भी उबाल आ गया है। कोई इजराइल के साथ खड़ा है तो कोई फिलिस्तीन और हमास को सही ठहरा रहा है। इस बीच भाजपा नेताओं और विपक्षी गुट के नेताओं के बीच एक नया वाकयुद्ध छिड़ गया है। शरद पवार का एक बयान इन दिनों काफी सुर्खियों में है।
'हमास के लिए लड़ने के लिए सुप्रिया (सुले) को गाजा भेजेंगे'।
शरद पवार पर हिमंत बिस्वा सरमा ने की भविष्यवाणी!
इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष पर NCP प्रमुख शरद पवार के कथित बयान पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, "मुझे लगता है कि शरद पवार हमास के लिए लड़ने के लिए सुप्रिया (सुले) को गाजा भेजेंगे।" इसके साथ ही हिमंत ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तेलंगाना चुनाव के कारण हमास की निंदा नहीं की।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने बुधवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस ने तेलंगाना में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी नेता राहुल गांधी के कहने पर हमास की निंदा नहीं की और फलस्तीन के लिए अपने समर्थन की घोषणा की। शर्मा ने यह भी कहा कि नव गठित इंडिया इन्क्लूसिव डेवलेपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस (इंडिया) के घटक दलों के बीच कोई एकता नहीं है और वह केवल भारत के 'लोगों को धोखा' देने के लिए बनाया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, 'हाल में कांग्रेस कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक हुई। वहां हमास मुद्दे की चर्चा की गयी। बैठक में सभी ने कहा कि इस वक्त हमास की निंदा करना आवश्यक है। लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि तेलंगाना में चुनाव आ रहे हैं इसलिए हमें फलस्तीन का समर्थन करना चाहिए। मैं आपको सीडब्ल्यूसी में हुई चर्चा के बारे में बता रहा हूं। उसके बाद यह प्रस्ताव पारित किया गया।'
शरद पवार को देवेंद्र फडणवीस ने दी ये सलाह
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें आतंकवाद की कड़ी निंदा करनी चाहिए और इजराइल-फलस्तीन मुद्दे पर बात करते समय वोट-बैंक की राजनीति से दूर रहना चाहिए। पूर्व रक्षा मंत्री पवार ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि हमास-इजराइल युद्ध पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बयान विदेश मंत्रालय द्वारा व्यक्त किए गए विचार से अलग स्थिति बताते हैं। फडणवीस ने ‘एक्स’ पर कहा, 'शरद पवार जी से मेरा अनुरोध है कि वह वोट-बैंक की राजनीति के बारे में न सोचें, बल्कि आतंकवाद की कड़ी निंदा करें। इजराइल-फलस्तीन विवाद पर भारत ने कभी अपना रुख नहीं बदला है। हालांकि, साथ ही, भारत किसी भी रूप में और किसी के भी खिलाफ आतंकवाद का लगातार विरोध करता रहा है और इसका कड़ा विरोध करता है। जब पूरी दुनिया ने इजराइल में निर्दोष लोगों की हत्या की निंदा की और भारत ने भी ऐसा ही किया, तो शरद पवार जी को भी आतंकवाद के खिलाफ उसी भाषा में बोलना चाहिए।'
