Maharashtra Politics: महाराष्ट्र में भले ही देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में महायुति सरकार का गठन हो चुका हो, लेकिन महाविकास अघाड़ी (MVA) के कुछ दिग्गज नेता अभी भी अपनी हार स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं। तभी तो हार का ठीकरा इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन (EVM) पर फोड़ा जा रहा है। साथ ही चुनाव गंवाने वाले कुछ प्रत्याशियों ने पुनर्गणना की अपील की।
एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले (फोटो साभार: https://x.com/supriya_sule)
राजनीति के भीष्म कहे जाने वाले शरद पवार के पोते युगेंद्र पवार ने भी पुनर्गणना की अपील की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपना आवेदन वापस ले लिया। बता दें कि बारामती विधानसभा सीट से युगेंद्र पवार के चाचा अजित पवार ने जीत दर्ज की। कहने के लिए बारामती सीट पर तो पवार परिवार ने एक बार फिर कब्जा किया, लेकिन पारिवारिक लड़ाई में अजित पवार ने अपने चाचा शरद पवार की तमाम रणनीतियों पर पानी फेर दिया और विजयी हुए।
युगेंद्र पवार ने क्यों वापस ली अपील
युगेंद्र पवार ने सुप्रिया ताई के कहने पर पुनर्गणना की मांग वाली अपील वापस ली। इसके बारे में खुद शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने जानकारी दी। सुप्रिया सुले ने समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में कहा कि मैंने उनसे (युगेंद्र पवार) से पुनर्गणना की मांग वाला आवेदन वापस लेने को कहा और उन्होंने ऐसा किया भी...
सुप्रिया सुले ने क्या कुछ कहा?
सुप्रिया सुले ने कहा कि यह मेरा निजी विचार है कि युगेंद्र को मतों की पुनर्गणना की मांग नहीं करनी चाहिए। इसलिए मैंने उनसे पुनर्गणना की मांग वाला आवेदन वापस लेने को कहा और उन्होंने ऐसा किया है... जब मैं चार बार ईवीएम के जरिए हुए मतदान से निर्वाचित हुई हूं तो मैं कैसे कह सकती हूं कि इसमें कोई घोटाला है...
उन्होंने कहा कि कई लोग मतदाता सूची पर सवाल उठा रहे हैं... इसलिए मेरा मानना है कि अगर चीजें पारदर्शी तरीके से होती हैं, चाहे ईवीएम हो या मतपत्र तो इसमें क्या समस्या है? अगर लोग बैलेट पेपर से चुनाव करवाना चाहते हैं तो बैलेट पेपर से ही चुनाव करवाएं, इसमें क्या समस्या है?
