Madras High Court: मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन ने बुधवार को कहा कि वह अधिकारियों को अवमानना के मामलों में तलब करते-करते थक चुके हैं। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि कानून-व्यवस्था का हवाला देकर किसी अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं की जा सकती।
मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ के न्यायमूर्ति जी. आर. स्वामीनाथन (फोटो साभार: मद्रास हाई कोर्ट और एएनआई)
'अक्षम्य है अदालत के आदेश की अवहेलना'
न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने कहा कि अदालत के आदेश की अवहेलना ‘अक्षम्य’ है और इससे कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी। न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने कार्तिगई दीपम दीप प्रज्ज्वलन अवमानना मामले में कहा, “इससे संवैधानिक तंत्र ठप हो जाएगा।”
समाचार एजेंसी भाषा के मुताबिक, न्यायाधीश ने कहा, ''मैं थक गया हूं। मुझे कितने मामलों में संबंधित अधिकारियों को अवमानना के लिए तलब करना पड़ेगा? आज भी, मुख्य सचिव (एन. मुरुगनंदम) ने पहले से तैयार पाठ पढ़कर कहा कि वह न्यायपालिका का बहुत सम्मान करते हैं, फिर भी अदालत के आदेशों को लागू करते समय उन्हें कानून-व्यवस्था के मुद्दों को ध्यान में रखना होगा।''
कब होगी अगली सुनवाई
न्यायमूर्ति स्वामीनाथन ने कहा, “यह अस्वीकार्य है। जब अदालत ने कोई आदेश जारी किया है, तो जब तक उसे हाई कोर्ट द्वारा स्थगित या रद्द नहीं किया जाता, उसका पालन करना अनिवार्य है। बेशक, ऐसे मामले हो सकते हैं, जहां न्यायिक आदेश को लागू नहीं किया जा सकता। मैं ऐसी स्थितियों की कल्पना कर सकता हूं।”
उन्होंने सुनवाई नौ जनवरी, 2026 को शाम चार बजे तक के लिए स्थगित कर दी। न्यायाधीश ने कहा कि उन्हें मुख्य सचिव से अपेक्षा है कि वे प्रारंभ में पूछे गए प्रश्न का उत्तर देते समय भी एक जिम्मेदार रुख अपनाएंगे।
