शिवसेना नाम-निशान की लड़ाई पर आज 'सुप्रीम' सुनवाई, सियासी दांव-पेंच में उद्धव पर ऐसे भारी पड़ा शिंदे गुट

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Feb 22, 2023, 12:23 PM IST

Eknath Shinde Vs Udhav Thackeray : शिवसेना में बगावत और फिर सत्ता से बेदखल होने के बाद उद्धव ठाकरे के मुश्किलें लगातार बढ़ती रही हैं जबकि एकनाथ शिंदे गुट मजबूत होता रहा है। पार्टी के नाम और निशान की लड़ाई हारने के बाद उद्धव को दोहरा झटका लगा है।

Eknath Shinde Vs Udhav Thackeray : शिवसेना पर कब्जे की जंग की अंतिम लड़ाई अब सुप्रीम कोर्ट में लड़ी जा रही है। शिवसेना नाम और उसके चुनाव चिन्ह 'तीर-कमान' पर चुनाव आयोग (EC) के फैसले को उद्धव गुट ने शीर्ष अदालत में चुनौती दी है जिस पर आज सुनवाई होनी है। उद्धव ठाकरे गुट उम्मीद लगाए है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से उसे राहत मिल सकती है या फैसला उसके पक्ष में आ सकता है। सुप्रीम कोर्ट से यदि राहत नहीं मिलती है या फैसला विपरीत आता है तो उद्धव ठाकरे के लिए यह बहुत बड़ा झटका होगा। बता दें कि गत शुक्रवार को ईसी ने अपने फैसले में शिवसेना के नाम और चुनाव चिह्न 'तीर-कमान' पर शिंदे गुट का दावे को सही ठहराया।

eknath shinde udhav thackeray

ईसी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं उद्धव ठाकरे।

शिवसेना में बगावत के बाद मजबूत होता रहा शिंदे गुट

पार्टी में बगावत और फिर सत्ता से बेदखल होने के बाद उद्धव ठाकरे की मुश्किलें लगातार बढ़ती रही हैं जबकि एकनाथ शिंदे गुट मजबूत होता रहा है। पार्टी के नाम और निशान की लड़ाई हारने के बाद उद्धव को दोहरा झटका लगा है। महाराष्ट्र विधानसभा में पार्टी का दफ्तर 'शिवसेना भवन' उद्धव के हाथ से गया। यही नहीं संसद में शिवसेना के दफ्तर पर भी अब एकनाथ शिंदे गुट का कब्जा हो गया। शुक्रवार को लोकसभा सचिवालय ने शिंदे गुट को संसद भवन में स्थित में पार्टी दफ्तर का कब्जा दे दिया। बाला साहेब ठाकरे की शिवसेना में इस टूट की कहानी काफी नाटकीय रही है।

20 जून 2022 : शिवसेना में बगावत की कहानी की नींव 20 जून को पड़ी। महाविकास अघाड़ी गठबंधन में शामिल शिवसेना, कांग्रेस और राकांपा के करीब 50 विधायक दलबदल का दांव खेलने लगे।

End of Feed