CJI चंद्रचूड़ ने कितने रुपये में लड़ा था अपना पहला केस, अदालत में किया खुलासा

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Apr 23, 2024, 11:01 AM IST

1986 में हार्वर्ड से लौटने के बाद मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू की। उनका पहला केस जस्टिस सुजाता मनोहर के समक्ष प्रस्तुत किया गया था।

DY Chandrachud First Case: भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने खुलासा किया कि उन्होंने अपना पहला केस लड़ने के लिए कितनी फीस ली थी। चीफ जस्टिस ने बताया कि दशकों पहले लॉ स्कूल से स्नातक होने के उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपने पहले मामले में बहस करते समय मुवक्किल से मात्र 60 रुपये लिए थे। 1986 में हार्वर्ड से लौटने के बाद मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने बॉम्बे हाई कोर्ट में अपनी कानूनी प्रैक्टिस शुरू की। उनका पहला केस जस्टिस सुजाता मनोहर के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। अपनी सेवाओं के लिए उन्हें 60 रुपये की फीस मिली थी।

CJI Chandrachud

CJI डीवाई चंद्रचूड़ (file photo)

तब वकील सोने की मोहर में लेते थे फीस

उस दौरान वकील आमतौर पर भारतीय रुपयों में नहीं बल्कि सोने के मोहर में फीस लेते थे, जो औपनिवेशिक काल से विरासत में मिली प्रथा थी। वकील अपने मुवक्किलों द्वारा प्रदान किए गए हरे रंग के डॉकेट पर अपनी फीस "जीएम" में लेते थे जिसमें एक सोने की मोहर लगभग 15 रुपये के बराबर होती थी। मुख्य न्यायाधीश चंद्रचूड़ ने डॉकेट पर "4 जीएम" दर्ज किया, जो 60 रुपये था।

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