अमेरिका की सत्ता में डोनाल्ड ट्रंप के दोबारा लौटने के बाद से वहां रहने वाले अवैध विदेशियों को लेकर उन्होंने सख्ती अपना रखी है। वे लगातार अवैध तरीके से अमेरिका में रहने वाले लोगों को वापस उनके देश भेज रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं। 2009 से अमेरिका ने कुल 18,822 भारतीय नागरिकों को निर्वासित किया है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान राज्यसभा में इस बारे में जानकारी दी।
एस जयशंकर। फोटो- पीटीआई
उन्होंने एक लिखित उत्तर में बताया कि 2009 से अब तक कुल 18,822 भारतीय नागरिकों को भारत वापस भेजा गया है। साल 2023 में 617 भारतीयों को और 2024 में 1,368 भारतीयों को अमेरिका से निर्वासित किया गया। वहीं, जनवरी 2025 से अब तक कुल 3,258 भारतीय नागरिकों को अमेरिका ने भारत निर्वासित किया है। इनमें से 2,032 भारतीय (लगभग 62.3 प्रतिशत) नियमित वाणिज्यिक उड़ानों से और शेष 1,226 भारतीय (37.6 प्रतिशत) अमेरिकी आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन (आईसीई) या सीमा शुल्क एवं सीमा सुरक्षा (सीबीपी) द्वारा संचालित चार्टर उड़ानों से लौटे हैं।
डिपोर्ट करते समय हथकड़ी-बेड़ियां पहनाए जाने के मामले पर भी बोले
जयशंकर मे यह भी बताया कि अमेरिकी आईसीई/सीबीपी की निर्वासन प्रक्रिया के दौरान भारतीय नागरिकों के साथ मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करने हेतु विदेश मंत्रालय अमेरिकी पक्ष के साथ निरंतर बातचीत कर रहा है। मंत्रालय ने विशेषकर महिलाओं और बच्चों के लिए हथकड़ी-बेड़ियों के उपयोग को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष दर्ज कराई है।
जयशंकर ने कहा कि पांच फरवरी की निर्वासन उड़ान के बाद से महिलाओं और बच्चों को बेड़ियां पहनाने की कोई घटना मंत्रालय के संज्ञान में नहीं आई है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि 19 नवम्बर 2012 से आईसीई की मानक संचालन प्रक्रिया के तहत ‘नियंत्रण नीति’ लागू है। उड़ान में सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसी नीति अपनाई गई है। अतीत में कुछ घटनाएं हुई हैं, जब निर्वासितों ने अन्य निर्वासितों और चालक दल के सदस्यों पर हमला किया था। महिलाओं और नाबालिगों को सामान्यतः बेड़ियां नहीं पहनाई जाती हैं, लेकिन उड़ान प्रभारी अधिकारी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लेते हैं।
