भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के वैज्ञानिकों ने चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान को उसकी कक्षा में आगे बढ़ाने की प्रथम कवायद शनिवार को सफलतापूर्वक पूरी कर ली है, इस बारे में एजेंसी ने कहा कि अंतरिक्ष यान की हालत 'सामान्य' है। गौर हो कि चंद्रयान-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा, जिसका अब तक अन्वेषण नहीं किया गया है।
ध्यान रहे कि इसरो ने 14 जुलाई को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपने चंद्र अन्वेषण कार्यक्रम के तीसरे संस्करण का सफलतापूर्वक प्रक्षेपण किया था।
इस अभियान के तहत यान 41 दिन की अपनी यात्रा में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर 'सॉफ्ट लैंडिंग' का एक बार फिर प्रयास करेगा, केवल तीन देश, अमेरिका, चीन और रूस ही अब तक चंद्रमा की सतह पर उतरने में सफल रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी बोले-चंद्रयान-3 की सफलता पूरी मानवता के लिए शुभ संकेत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि चंद्रयान-3 की सफलता पूरी मानवता के लिए शुभ संकेत है।मोदी ने चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन की तीसरी महत्वकांक्षी परियोजना के लिए शुभकामनाएं देने के वास्ते भूटान के अपने समकक्ष लोटे शेरिंग का शुक्रिया अदा किया।इसरो ने शुक्रवार को आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 का प्रक्षेपण किया, जिसका लक्ष्य चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की दुर्लभ उपलब्धि हासिल करना है।
चंद्रयान-3 को लेकर भूटान के प्रधानमंत्री ने भी किया ट्वीट
भूटान के प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, 'मैं चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण को लेकर इसरो और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरह ही बेहद खुश हूं। यह क्षितिज से परे विज्ञान को समझने और कुछ नया सीखते रहने की आपकी दृष्टि एवं प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।' शेरिंग ने कहा, “भारत और मानवता को इस मिशन से अत्यधिक लाभ हो।'
