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सिद्दारमैया मंत्रिमंडल से कितनी अलग है शिवकुमार कैबिनेट; अनुभवियों के साथ नए चेहरों को भी मिली जगह; एक नजर में देखें पूरा प्रोफाइल

Shivakumar Cabinet: कर्नाटक में बुधवार को शिवकुमार युग की शुरुआत हुई। राज्यपाल ने शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। शिवकुमार कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत अब कुल 14 सदस्य हैं।

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Photo : PTI
मौजूदा मुख्यमंत्री शिवकुमार के साथ पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया
Edited by: Anurag Gupta
Updated Jun 3, 2026, 23:43 IST

Shivakumar Cabinet: कर्नाटक में अब शिवकुमार युग की शुरुआत हो गई। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस दौरान, शिवकुमार की मंत्रिपरिषद में 13 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली, जिसमें सिद्दारमैया सरकार में गृह मंत्री रहे जी परमेश्वर भी शामिल हैं, जिन्हें शिवकुमार सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया गया है।

कैबिनेट में किस-किस को मिली जगह

शिवकुमार और जी परमेश्वर के अलावा प्रियांक खरगे, यतींद्र सिद्दारमैया ने, एच मुनियप्पा, के जे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरेगौड़ा, यू टी खादर, ईश्वर खंड्रे, बिरथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल ने मंत्री पद की शपथ ली। खादर और यतींद्र को छोड़कर अन्य सभी नेता पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली मंत्रिपरिषद में मंत्री रह चुके हैं। खादर अब तक कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष थे, जबकि यतींद्र पूर्व मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के बेटे हैं।

जी. परमेश्वर

परमेश्वर तुमकुरु जिले के कोराटगेरे विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। एथलेटिक्स ट्रैक पर फर्राटा दौड़ने से लेकर ऑस्ट्रेलिया में कृषि अनुसंधान करने और अंततः कर्नाटक की उतार-चढ़ाव भरी राजनीति की राह तय करने तक, जी. परमेश्वर की कहानी दृढ़ता, विद्वता और जनसेवा की मिसाल है।

कांग्रेस में एक भरोसेमंद संगठनात्मक चेहरा और कर्नाटक में पार्टी के सबसे प्रमुख दलित चेहरों में से एक, परमेश्वर की उपमुख्यमंत्री पद पर वापसी, उनके तीन दशक से अधिक लंबे राजनीतिक करियर में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। परमेश्वर (74) के संगठनात्मक कौशल की सबसे अच्छी झलक शायद कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहने के उनके रिकॉर्ड में मिलती है। वह 27 अक्टूबर, 2010 से 4 जुलाई, 2018 तक इस पद पर रहे।

सतीश जारकीहोली

वह छह बार के विधायक हैं, और पिछली सिद्दारमैया सरकार में लोक निर्माण मंत्री थे। वाल्मीकि जनजातीय समुदाय से आने वाले 64 वर्षीय जारकीहोली एक राजनीतिक-व्यावसायिक परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जिसका अपना चीनी कारखाना है। वह बेलगावी के यमकनमर्डी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

Shivakumar Cabinet

Shivakumar Cabinet

प्रियांक खरगे

प्रियांक (47), कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के पुत्र हैं। दलित नेता प्रियांक, सिद्दारमैया सरकार में सूचना प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग संभाल चुके हैं। चित्तपुर से विधायक प्रियांक, भाजपा और आरएसएस के खिलाफ अपने मुखर एवं आक्रामक रुख के लिए जाने जाते हैं।

यू. टी. खादर

सिद्दारमैया सरकार के दौरान विधानसभा अध्यक्ष के रूप में कार्य कर चुके 56 वर्षीय खादर तटीय कर्नाटक से कांग्रेस का एक मजबूत अल्पसंख्यक चेहरा हैं। उन्होंने अतीत में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, शहरी विकास और आवास सहित विभिन्न विभाग संभाले हैं। वह दक्षिण कन्नड़ जिले के मंगलुरु निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कृष्ण बायरे गौड़ा

गौड़ा (53) कर्नाटक में जाने-माने वोक्कालिगा चेहरों में से एक हैं। उन्होंने राज्य की सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में राजस्व मंत्री के रूप में कार्य किया। गौड़ा ने वाशिंगटन डीसी में अमेरिकन यूनिवर्सिटी से अंतरराष्ट्रीय मामलों में एमए की डिग्री और क्राइस्ट यूनिवर्सिटी से बीबीएम की डिग्री हासिल की है। उनके पिता, सी. बायरे गौड़ा, कर्नाटक विधानसभा के उपाध्यक्ष और कृषि मंत्री थे। कृष्णा बायरे गौड़ा ब्याटरायणपुरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

के. एच. मुनियप्पा

वह अनुसूचित जाति के मडिगा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और सिद्दारमैया सरकार में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री थे। 78 वर्षीय मुनियप्पा कोलार से सात बार सांसद रह चुके हैं और 2023 में उन्होंने राज्य की राजनीति में वापसी की। उनकी बेटी रूपकला भी कांग्रेस की विधायक हैं। वह बेंगलुरु ग्रामीण के देवनहल्ली निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

रामलिंगा रेड्डी

बेंगलुरु के बीटीएम लेआउट से 72 वर्षीय विधायक रामलिंगा रेड्डी ने सिद्दारमैया सरकार में परिवहन और हिंदू धार्मिक बंदोबस्त विभाग संभाला था। वह अतीत में गृह विभाग भी संभाल चुके हैं।

Shivakumar Oath Leaders

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यतींद्र सिद्दारमैया

निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया के पुत्र, यतींद्र चरवाहा 'कुरुबा' समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। पेशे से डॉक्टर, यतींद्र कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य हैं। उन्होंने इससे पहले वरुणा विधानसभा क्षेत्र से विधायक के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं।

के. जे. जॉर्ज

केलाचंद्रा जोसेफ जॉर्ज बेंगलुरु में बसे एक मलयाली हैं। उन्होंने सिद्दारमैया सरकार में ऊर्जा मंत्री के रूप में कार्य किया था। वह पिछली कांग्रेस सरकार (2013-2015) में गृह मंत्री थे। वह बेंगलुरु शहरी के सर्वज्ञ नगर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

ईश्वर खंड्रे

पूर्व मंत्री भीमन्ना खंडरे के पुत्र, 64 वर्षीय खंडरे भालकी विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पिछली सिद्दारमैया सरकार में वन, पर्यावरण और पारिस्थितिकी मंत्री के रूप में कार्य किया था।

शरण प्रकाश पाटिल

पेशे से डॉक्टर 59 वर्षीय कांग्रेस नेता कल्याण कर्नाटक क्षेत्र में लिंगायत समुदाय का एक प्रमुख राजनीतिक चेहरा हैं। उन्होंने सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली सरकार में चिकित्सा शिक्षा और कौशल विकास मंत्री के रूप में कार्य किया। पाटिल सेडम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

एम. बी. पाटिल

प्रमुख लिंगायत नेता, एम. बी. पाटिल (61), जगतिका लिंगायत महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। वह विजयपुरा के प्रसिद्ध शिक्षाविद्, राजनीतिक नेता और सार्वजनिक व्यक्तित्व बी. एम. पाटिल के बड़े पुत्र हैं। वह बबलेश्वर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने सिद्दारमैया के नेतृत्व वाली सरकार में भारी एवं मध्यम उद्योग एवं बुनियादी ढांचा विकास मंत्री के रूप में भी कार्य किया।

बिरथी सुरेश

सुरेश (53) कुरुबा समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। वह पिछली सिद्दारमैया सरकार में शहरी विकास मंत्री थे। उन्हें सिद्दारमैया का करीबी माना जाता है। वह बेंगलुरु के हेब्बल विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कब होगा मंत्रिमंडल का विस्तार?

शिवकुमार कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत अब कुल 14 सदस्य हैं। विधानसभा के संख्याबल के आधार पर राज्य में मंत्रिपरिषद में अधिकतम 34 सदस्य हो सकते हैं। इसका मतलब साफ है कि मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। हालांकि, उस अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।

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