Kashmir Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के धांगरी गांव में एक घर पर आतंकवादी हमले से कुछ मिनट पहले उनके पालतू कुत्ते ने पूरे परिवार को सतर्क कर दिया, जिससे वो परिवार सतर्क हो गया और आतंकियों का निशाना बनने से बच गया। इसी हमले में चार हिंदू समाज के लोगों की मौत हो गई थी।
कश्मीर में एक हिंदू परिवार को कुत्ते ने आतंकियों से बचाया (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)
क्या है पूरी कहानी
निर्मल देवी का परिवार अपने पालतू कुत्ते 'माइकल' को उनकी जान बचाने के लिए धन्यवाद दे सकता है। कुत्ते के तेज भौंकने से निर्मल देवी और उनकी पोती सतर्क हो गईं। वो बाहर जाकर पता लगाने लगीं कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं है। उन्होंने जल्द ही राइफलों की खड़खड़ाहट सुनी, क्योंकि तब तक परिवार को मारने के लिए परिसर में घुसे आतंकवादियों ने गोलियों की बौछार कर दी।
क्या कहा परिवार ने
निर्मल देवी ने कहा कि माइकल की सतर्कता ने उनके परिवार को बचा लिया। निर्मल देवी ने कहा- "मैं और मेरी पोती रसोई में थे, जब हमारा पालतू कुत्ता तेज आवाज में भौंकने लगा। मेरी पोती ने मुझे बताया कि माइकल कभी भी तेज आवाज में नहीं भौंकता जब तक कि कोई खतरा न हो।"
परिवार को किया सतर्क
माइकल, निर्मल देवी के घर के मुख्य द्वार के पास बंधा हुआ था, उसने स्पष्ट रूप से आतंकवादियों को परिसर की ओर बढ़ते हुए देखा और खतरे के बारे में परिवार को चेतावनी देने के लिए भौंका। निर्मल देवी ने कहा- "मैं चिंतित हो गई और उस कमरे की ओर भागी जहां मेरे पति सो रहे थे। मैंने कमरे में बाहर से कुंडी लगा दी और फिर मुख्य द्वार पर ताला लगाने के लिए दौड़ पड़ी।"
कुत्ते पर चलाई गोली
उन्होंने कहा कि आतंकवादियों ने माइकल पर गोली चलाई लेकिन वह बाल-बाल बच गया। जिस स्थान पर उसे बांधा गया था, वहां गोलियों के निशान आज भी हैं। निर्मल देवी ने कहा- "माइकल ने जब भौंकने बंद कर दिया तब, दो आतंकवादी एक कमरे में घुस गए, टेलीविजन पर गोलीबारी की और वहां से भाग निकले।"
