कर्नाटक के हुब्बली तालुक से ऑनर किलिंग की एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां सात महीने की गर्भवती बेटी की उसके ही पिता और रिश्तेदारों ने कुल्हाड़ी से काट कर हत्या कर दी। मृतका की पहचान मान्या पाटिल के रूप मे हुई है। पुलिस ने इस मामले में मान्या के पिता सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मान्या के पति विवेकानंद ने आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग की है।
कर्नाटक में ऑनल किलिंग। (फाइल फोटो)
मई में घर से भागकर की थी शादी
विवेकानंद ने बताया कि दोनों दो साल से एक-दूसरे से प्यार करते थे। मई में घर से भागकर शादी की और 19 जून को रजिस्ट्रार ऑफिस में विवाह किया। यह जानते हुए भी कि वह मेरे साथ है, उन्होंने गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। शादी के बाद पुलिस थाने जाकर बयान भी दर्ज कराए गए थे। उन्होंने कहा कि मान्या के परिवार वाले पहले भी उन्हें जान से मारने की कोशिश कर चुके थे। इस बारे में उन्होंने पुलिस अधिकारियों को शिकायत भी दी थी। परिवार ने तब भरोसा दिलाया था कि वे दोनों को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे।
घर में घुसकर किया हमला
पुलिस ने बताया कि रविवार शाम करीब 6:30 बजे आरोपी कुल्हाड़ी और पाइप लेकर विवेकानंद के घर में घुस आए। उन्होंने मान्या पर बेरहमी से हमला किया। गंभीर चोट लगने के बाद मान्या को अस्पताल ले जाया गया, जहां रात 9:30 बजे उसकी मौत हो गई। हमले में विवेकानंद के माता-पिता भी घायल हुए हैं और उनका इलाज चल रहा है।
पति ने की फांसी की मांग
विवेकानंद ने कहा कि वे दोनों शादी के बाद शांति से रह रहे थे और किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उन्होंने बताया कि मान्या के परिवार को उनकी शादी मंजूर नहीं थी और इसी नफरत में उसकी जान ले ली गई। मेरी पत्नी और मेरे अजन्मे बच्चे की हत्या की गई है। ऐसे लोगों को जीने का हक नहीं। मैं आरोपियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शूंगा। उन्हें कानून के तहत फांसी की सजा मिलनी चाहिए।
पुलिस का क्या कहना है?
धारवाड़ के एसपी गुंजन आर्य ने बताया कि घटना हुब्बली तालुक के इनाम वीरापुरा गांव में हुई। कुछ ही घंटों में आरोपियों को पकड़ लिया गया और एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस के अनुसार, मान्या लिंगायत समुदाय से थीं, जबकि विवेकानंद दलित समुदाय से हैं। दोनों एक ही गांव के रहने वाले थे और पढ़ाई के दौरान एक-दूसरे के करीब आए थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मान्या पाटिल ने पहले विवेकानंद से शादी नहीं करने पर आत्महत्या की धमकी दी थी। शादी के बाद पुलिस ने दोनों परिवारों को बुलाकर समझौता कराया था। बाद में दंपती हावेरी चले गए थे।आठ दिसंबर को वे गांव लौटे, यह मानते हुए कि गर्भवती होने के कारण अब उनके रिश्ते को स्वीकार कर लिया जाएगा। हालांकि, दोनों परिवारों के बीच तनाव फिर बढ़ गया। इसके बाद भी पुलिस ने परिवारों को परेशान न करने की चेतावनी दी थी, लेकिन इसके बावजूद मान्या के पिता और रिश्तेदार कथित तौर पर घर में घुस आए और उसकी हत्या कर दी। घटना में विवेकानंद सुरक्षित बच गए, जबकि उनके माता-पिता अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
