हिंदू शब्द फारसी या सनातनी, सुनिये पुरी के शंकराचार्य का जवाब

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Nov 8, 2022, 02:55 PM IST

कर्नाटक कांग्रेस के नेता सतीश जरकीहोली ने हिंदू शब्द को फारसी बताते हुए उसके अर्थ को गंदा बताया था। लेकिन पांच साल पहले 2017 में इसी विषय पर गोवर्धन मठ पुरी के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती ने विस्तार से बताया था कि इस शब्द का वजूद ईसा और पैगंबर से भी पहले से था।

कर्नाटक कांग्रेस के नेता सतीश जारकीहोली ने कहा था कि हिंदू शब्द फ़ारसी है और इसका बहुत गंदा अर्थ है, अपनी विवादास्पद टिप्पणी को लेकर विवादों में रहे, अवहेलना कर रहे थे।कर्नाटक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जारकीहोली ने कहा कि उन्होंने जो कहा है उसमें कुछ भी गलत नहीं है और फारसी शब्द हिंदू की उत्पत्ति कैसे हुई, इसके बारे में सैकड़ों रिकॉर्ड हैं। हालांकि इस पर सियासत गरमाने के बाद कांग्रेस ने जरीखोली के बयान से किनारा कर लिया और कहा कि पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है। लेकिन इस विवाद के बीच हप आपको 2017 के साल में ले चलेंगे जब पुरी के गोवर्धन मठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती से फारसी से हिंदू शब्द की उत्पत्ति पर सवाल किया गया था। उन्होंने साफ साफ कहा था कि हिंदू शब्द वैदिक और पौराणिक है।

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जो कहा गलत नहीं कहा

सतीश जारकीहोली ने कहा कि उन्होंने जो कहा है उसमें कुछ भी गलत नहीं है। फारसी शब्द (हिंदू) कैसे आया, इसके बारे में सैकड़ों रिकॉर्ड हैं। इसका उल्लेख स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक 'सत्यार्थ प्रकाश' डॉ. जी.एस. पाटिल की पुस्तक 'बसव भारत' और बाल गंगाधर तिलक के 'केसरी' अखबार में भी किया गया है, ये तो सिर्फ तीन-चार उदाहरण हैं, विकिपीडिया पर ऐसे कई लेख उपलब्ध हैं या किसी भी वेबसाइट को आपको इसे पढ़ना चाहिए।

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