Himachal Pradesh Weather Update: बारिश-बर्फबारी और इस बीच बाढ़ से उत्तर भारत में सर्वाधिक प्रभावित हुआ पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश मौसम की मार से उबर भी नहीं पाया कि वहां संकट फिर से बढ़ने लगा। ऐसा इसलिए क्योंकि शनिवार (15 जुलाई, 2023) को लाहौल-स्पीति जिले के लोसर से लगभग तीन किलोमीटर दूरी पर खोलाकसा में हिमनद (ग्लेशियर) पिघलने के चलते बाढ़ आ गई। हालांकि, इसके बाद आनन-फानन सात परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, जबकि अच्छी बात यह रही कि इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली।
हिमाचल प्रदेश में बारिश के बाद आई बाढ़ संबंधित घटनाओं ने पूरे सूबे को बुरी तरह प्रभावित किया। (फाइल)
लाहौल-स्पीति के उपायुक्त राहुल कुमार ने समाचार एजेंसी ‘पीटीआई’ को बताया कि शुक्रवार देर रात बाढ़ आई थी। कृषि भूमि को नुकसान पहुंचा। सात परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर दिया गया है। वैसे, स्थानीय निवासियों ने कहा कि बर्फ और ग्लेशियरों के पिघलने से क्षेत्र की कई नदियों और नालों के जल स्तर में चिंताजनक वृद्धि हुई है और पानी को बंजर भूमि की ओर मोड़ने के प्रयास जारी हैं।
इस बीच, हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि भारी बारिश के चलते राज्य को लगभग 8,000 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। दरअसल, स्पीति क्षेत्र में नौ और 10 जुलाई को बर्फबारी हुई और लगभग 250 लोग (मुख्य रूप से पर्यटक) छह दिनों तक लगभग 15,000 फुट की ऊंचाई पर चंद्रताल झील में फंसे रहे। हालांकि, गुरुवार को उन्हें बचाया गया।
उधर मौसम विभाग के स्थानीय कार्यालय ने 15 से 17 जुलाई तक लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के 12 जिलों में से 10 में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान जताते हुए “ऑरेंज” अलर्ट जारी किया है। साथ ही, इसने भूस्खलन, अचानक बाढ़ आने, नदियों व नालों के जलस्तर में वृद्धि का अनुमान भी जताया है। यही नहीं, 18 जुलाई को भारी बारिश की चेतावनी देते हुए “येलो” अलर्ट जारी किया है और 21 जुलाई तक राज्य में बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
वैसे, प्रदेश में लगातार बारिश के बीच राज्य के हमीरपुर में छह दिन बाद शनिवार को जलापूर्ति बहाल हो सकी, पर लोगों ने दावा किया कि पानी इतना गंदा है कि यह पीने उपयुक्त नहीं है। शहर के कई निवासियों ने शिकायत की कि उन्हें 1,700 रुपए प्रति टैंकर की दर से टैंकर मालिकों से पानी खरीदना पड़ा, जबकि जलशक्ति विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ऐसी आशंका है कि पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण जलाशयों में गाद जमा हो गई है, इसलिए लोगों को किसी भी जल जनित बीमारियों से बचने के लिए सावधानी बरतनी चाहिए।
