कभी थे सोनिया के कमांडो फिर वीरभद्र के बने खास, 3 बार रामपुर से जीत चुके हैं चुनाव; इस बार भी लड़ाई है दिलचस्प

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Nov 11, 2022, 10:59 AM IST

Himachal Pradesh Assembly Election 2022: हिमाचल में इस बार बीजेपी और कांग्रेस दोनों को बागियों से ज्यादा खतरा है। दर्जनों सीट पर बागी उम्मीदवार दोनों पार्टियों का खेल खराब कर सकते हैं। पिछल कई चुनावों से सत्ताधारी पार्टी वापसी नहीं कर पाई है, इसलिए इस गणित के हिसाब से कांग्रेस सत्ता में वापसी कर सकती है।

Himachal Pradesh Assembly Election 2022: हिमाचल की रामपुर सीट पर हमेशा से चुनाव दिलचस्प रहा है, लेकिन इस बार बिना वीरभद्र सिंह (Virbhadra Singh) के चुनावी मैदान में उतरी कांग्रेस (Congress) के लिए कई चुनौतियां सामने हैं। इस सीट पर वीरभद्र सिंह की तूती बोलती थी। कहा जाता है कि कांग्रेस को इस सीट को जीतने के लिए सिर्फ एक दिन का प्रचार चाहिए होता है। वो एक दिन वीरभद्र सिंह इस क्षेत्र में आते और कांग्रेस उम्मीदवार यहां से चुनाव जीत जाते, लेकिन पिछले तीन बार से लगातार इस सीट से विधायक बनने वाले नंद लाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि इस बार वीरभद्र सिंह उनके साथ नहीं हैं, उनके निधन के बाद से यह सीट जीतना काफी मुश्किल हो सकता है।

congress rampur seat

सोनिया गांधी के पूर्व कमांडो नंद लाल (फोटो- फेसबुक)

कौन हैं नंद लाल

नंद लाल की इस इलाके में पहचान सोनिया गांधी के कमांडो के तौर पर रही है। वो आटीबीपी में रह चुके हैं। यहीं से वो एसपीजी में गए थे। नंद लाल एशियाड (1982), गुटनिरपेक्ष बैठक, 1983 और राष्ट्रमंडल सम्मेलन, 1984 जैसे अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय रूप से शामिल थे। पूर्व पीएम राजीव गांधी से लेकर चंद्रशेखर तक की सुरक्षा में तैनात रहे। सोनिया गांधी के साथ रहने के बाद उन्होंने वॉलंटरी रिटायरमेंट ले लिया और हिमाचल की राजनीति में उतर गए।

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