Surrogacy Law:'किराये की कोख' कानून के लाभ से सिंगल और अविवाहित महिलाएं बाहर क्यों, हाईकोर्ट ने मांगा स्पष्टीकरण

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  • Updated Oct 16, 2023, 10:44 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से सोमवार को कहा कि वह कानून के तहत 'किराये की कोख' (सरोगेसी) प्रक्रिया के लाभ के दायरे से एकल और अविवाहित महिलाओं को बाहर रखने पर स्पष्टीकरण दे।

अदालत ने कहा कि सरोगेसी (विनियमन) कानून-2021 के तहत 'इच्छित महिला' (इन्टेन्डिंग वूमन) से आशय एक भारतीय महिला से है जो 'विधवा या तलाकशुदा' हो, मुख्य न्यायाधीश सतीश चंद्र शर्मा की अध्यक्षता वाली पीठ ने सवाल किया कि इस प्रक्रिया के तहत आने के लिए एक महिला की पात्रता के साथ उसकी वैवाहिक स्थिति को जोड़ने के पीछे क्या तर्क है।

न्यायमूर्ति संजीव नरुला की सदस्यता वाली पीठ ने पूछा 'इच्छित महिला के लिए वैवाहिक स्थिति क्यों? यहां तक कि उसका (विधवा या तलाकशुदा) कोई वैवाहिक जीवन नहीं होता, फिर भी यह भेदभाव क्यों? ' इस पर केंद्र सरकार की वकील ने कहा कि वह इस सवाल पर निर्देश मांगेगी। 'राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग' (एनएमसी) की ओर से अदालत में पेश वकील टी सिंहदेव ने कहा कि वह भी इस मुद्दे पर गौर करेंगे।

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