मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री ढाल सिंह बिसेन के लिए सोमवार का दिन भी आम दिन जैसा था। सिवनी शहर में अपने घर पर रात में रोज की तरह अपने पोते के साथ टहल रहे थे, तभी उनके पास एक फोन आया और उधर से जो कहा गया वो इतिहास बना गया। फोन करने वाले शख्स ने कहा, भाईसाहब आप राज्यपाल बन गए हैं। PTI के अनुसार यह फोन कॉल भोपाल से आई थी। जिसमें कहा गया कि उन्हें उत्तराखंड के राज्यपाल के रूप में उनकी नियुक्ति की गई है। इसके कुछ ही देर बाद उनके आवास पर लोगों का जमावड़ा लग गया जो कुछ देर बाद जश्न में तब्दील हो गया।
ढाल सिंह बिसेन को उत्तराखंड का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है (AI Photo)
गुरमीत सिंह की जगह बने उत्तराखंड के राज्यपाल
पूर्व लोकसभा सदस्य और कई बार विधायक रहे बिसेन (74) सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा नियुक्त किए गए छह नए राज्यपालों में शामिल थे।
वह उत्तराखंड के लोकभवन में लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) का स्थान लेंगे।
पंच से राज्यपाल तक सफर
- बिसेन का जन्म 14 मई 1952 को मध्यप्रदेश के सिवनी जिले के पिपरिया गांव में हुआ था। उन्होंने अपने गांव में एक निर्वाचित पंच के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और बाद में स्थानीय राजनीति में सक्रिय हो गए।
- उन्होंने 1990, 1993, 1998 और 2003 में सिवनी जिले के बरघाट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर जीत हासिल कर मध्यप्रदेश विधानसभा का सफर तय किया।
- बरघाट सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित होने के बाद भाजपा ने उन्हें केवलारी से मैदान में उतारा, जहां वह 2008 और 2013 के चुनाव हार गए थे।
- बिसेन ने 2003 से 2005 तक मध्यप्रदेश में कैबिनेट मंत्री के रूप में वन, परिवहन और खनिज विभाग संभाला। इसके बाद उन्होंने स्कूल शिक्षा और जेल विभाग संभाला।
- 2011 से 2013 तक, उन्होंने राज्य के चौथे राज्य वित्त आयोग की अध्यक्षता की।
- साल 2019 में भाजपा ने बिसेन को बालाघाट लोकसभा सीट से मैदान में उतारा, जिसमें उन्होंने जीत हासिल की।
- उन्होंने 2024 तक 17वीं लोकसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया और वर्तमान में वह भाजपा की राज्य कार्य समिति के सदस्य हैं।
