Sikkim Tunnel Collapse: सिक्किम के नामची जिले में निर्माणाधीन एक सुरंग में काम करने वाले मजदूर भोजनावकाश की तैयारी कर रहे थे। 19 साल के बबलू साहू ने पहले अपने बड़े भाई कृष्ण और दूसरों को खाने के पैकेट दिए और उसके बाद बाहर निकल गया। कुछ ही पल बाद, एक जोरदार धमाका हुआ और सब कुछ बदल गया। बबलू ने सिक्किम से पीटीआई से कहा, मैंने अपने भाई से खाना खा लेने के लिए कहा और बाहर आ गया। अचानक, मुझे धमाके की आवाज सुनाई दी। जब मैंने पीछे मुड़कर देखा, तो पाया कि सुरंग ध्वस्त हो चुकी थी।
सिक्किम सुरंग हादसा (Photo - Govt of Sikkim)
मीथेन गैस की वजह से हुआ धमाका, 22 की मौत
सोमवार को समरडुंग में राष्ट्रीय जलविद्युत निगम के तीस्ता स्टेज सिक्स हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में एक निर्माणाधीन सुरंग धंस गई। अधिकारियों के मुताबिक, माना जा रहा है कि यह धमाका मीथेन गैस की वजह से हुआ था। इस घटना में करीब 25 मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए थे सभी की मौत हो गई है। झारखंड के खूंटी जिले के डाहू गांव का कृष्ण (20) भी उन लोगों में शामिल था जिनके शव तलाश एवं बचाव अभियान के दौरान मलबे से निकाले गए। कृष्ण वेल्डिंग का काम करता था।
मोटरसाइकिल खरीदने के बाद शादी की थी योजना
वह युवा श्रमिक अपने बूढ़े माता-पिता और छोटे भाई की मदद के लिए पिछले कुछ साल से झारखंड के बाहर काम कर रहा था। बबलू ने कहा, मेरे भाई ने हमारे परिवार के लिए एक घर बनवाया था। इस बार उन्होंने कहा था कि वह इस नौकरी से कमाए पैसों से मोटरसाइकिल खरीदेगा। उसके बाद, वो शादी करने वाला था। कृष्ण जून में कुछ समय के लिए घर आया था और दो जुलाई को सिक्किम वापस जाते समय अपने छोटे भाई बबलू को भी साथ ले गया। बबलू मजदूरों के शिविर में भोजनालय में काम करता था और निर्माण स्थल पर मजदूरों को खाना पहुंचाता था।
झारखंड के कई मजदूरों की मौत
बबलू ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद कृष्ण के शव को झारखंड वापस लाने का इंतजाम किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि झारखंड के खूंटी, हजारीबाग और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के चार लोग इस परियोजना पर काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि तीन लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि एक व्यक्ति अब भी लापता है। बुधवार को हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड के तालिया बस्ती के एक्सकेवेटर संचालक जागेश्वर ठाकुर (46) का शव भी बरामद किया गया।
हादसे से पहले छोटी बेटी से की थी बात
परिवार वालों ने बताया कि दो बेटों और एक बेटी के पिता ठाकुर ने हादसे से कुछ घंटे पहले ही अपने छोटे बेटे से बात की थी और उसे आश्वासन दिया था कि वह जल्द ही घर लौट आएंगे। सिक्किम में उनके साथ मौजूद उनके भतीजे बिशन यादव ने को बताया कि पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है। खूंटी जिले के डाहू गांव के एक और निवासी, बुदारू विकास कंडुलना (40) का शव भी बरामद किया गया है।
मृत व्यक्तियों के परिवारों ने उचित मुआवजे और परिवार के किसी सदस्य के लिए सरकारी नौकरी की मांग की है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से आग्रह किया कि वह इस त्रासदी से प्रभावित झारखंड के मज़दूरों को हरसंभव मदद सुनिश्चित करें।
