Hathras Stampede: न्यायिक समिति ने आयोजकों के कुप्रबंधन और अधिकारियों की लापरवाही को ठहराया जिम्मेदार, गई थी 121 लोगों की जान

Hathras Stampede: हाथरस में हुई भगदड़ की जांच कर रहे एक न्यायिक आयोग ने इस हादसे के कारण के तौर पर अत्यधिक भीड़भाड़, आयोजकों के कुप्रबंधन और अनुमति देने में अधिकारियों की लापरवाही की पहचान की।

Hathras Stampede: पिछले साल जुलाई में हाथरस में हुई भगदड़ की जांच कर रहे एक न्यायिक आयोग ने इस हादसे के कारण के तौर पर अत्यधिक भीड़भाड़, आयोजकों के कुप्रबंधन और अनुमति देने में अधिकारियों की लापरवाही की पहचान की। दो जुलाई को सिकंदराराऊ के फुलराई गांव में हुई घटना में कथावचक नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा के प्रवचन के बाद भगदड़ मच गई थी, जिसमें अधिकतर महिलाओं और बच्चों समेत 121 लोगों की मौत हो गई थी जबकि लगभग 150 अन्य घायल हो गए थे।

Hathras Stampede

हाथरस में हुई भगदड़ में गई थी 121 लोगों की जान

कार्यक्रम में पहुंच गए थे 3 लाख लोग

उत्तर प्रदेश सरकार को सौंपी गई समिति की रिपोर्ट बुधवार को राज्य विधानसभा में पेश की गई जिसमें श्रद्धालुओं को आयोजन स्थल से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए कोई नियोजित योजना नहीं होने समेत कार्यक्रम के बुनियादी ढांचे में कई सुरक्षा खामियों को उजागर किया गया। पैनल ने आपराधिक साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया और विशेष जांच दल (एसआईटी) से गहन जांच कराने की सिफारिश की। रिपोर्ट के अनुसार इस कार्यक्रम में 80000 लोगों के आने की संभावना थी, लेकिन ढाई से तीन लाख लोग वहां पहुंचे। जब प्रवचन खत्म हुआ तो पूरी भीड़ को एक साथ छोड़ दिया गया, जिससे हालात बेकाबू हो गए।

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