तमिलनाडु सरकार ने क्या अपने हाथ में ले लिया है 38000 मंदिरों का प्रबंधन? सुप्रीम कोर्ट ने स्टालिन सरकार से मांगा जवाब

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Dec 16, 2022, 04:44 PM IST

तमिलनाडु सरकार पर राज्य के 38,000 मंदिरों के संचालन का नियंत्रण अपने हाथ में लेने का आरोप लगा है। इंडिक कलेक्टिव ट्रस्ट की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एमके स्टालिन (MK Stalin) सरकार से जवाब मांगा है। आरोप लगाया गया कि मंदिरों पर अप्रत्यक्ष नियंत्रण कर लिया गया है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु की उस याचिका पर जवाब मांगा है जिसमें आरोप लगाया गया है कि एमके स्टालिन (MK Stalin) सरकार ने अप्रत्यक्ष रूप से राज्य के 38,000 मंदिरों के संचालन का नियंत्रण अपने हाथ लिया है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कार्यकारी अधिकारियों (ईओ) की भर्ती करके तमिलनाडु सरकार का अप्रत्यक्ष नियंत्रण है। लेकिन मंदिर के ट्रस्टियों को नॉमनेट किए बिना और इसके फाइनेंस को गलत तरीके से नियंत्रण किया जा रहा है। 13 दिसंबर को मामले की सुनवाई करने वाली भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा की पीठ ने तमिलनाडु सरकार से जवाब मांगा है।

Control on temples in Tamilnadu, Stalin government

एमके स्टालिन सरकार पर मंदिरों के नियंत्रण का आरोप

इंडिक कलेक्टिव ट्रस्ट द्वारा दायर याचिका में, सुप्रीम कोर्ट से मद्रास हाईकोर्ट के एक फैसले को पलटने का आग्रह किया गया है। जिसने पहले उसके मामले को खारिज कर दिया था। याचिका में कहा गया है कि कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्ति की शर्तें नियम 2015 कार्यकारी अधिकारियों की नियुक्तियों को अधिकतम 5 साल तक सीमित करती हैं। कार्यकारी अधिकारियों को राज्य के अधिकारियों द्वारा अनिश्चित काल के लिए नॉमनेट किया जाता है। इसके अलावा, उनके नियुक्ति पत्र में निर्दिष्ट कोई शर्तें नहीं थीं।

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