Haryana Political Crisis: हरियाणा में लोकसभा चुनाव के बीच बड़ा उलटफेर हुआ है। हरियाणा में बीजेपी सरकार पर खतरा मंडराता हुआ दिख रहा है। नायब सरकार को सपोर्ट कर रहे तीन निर्दलीय ने समर्थन वापस ले लिया है। कहा जा रहा है कि चौथा निर्दलीय भी कांग्रेस के संपर्क में है।
हरियाणा में संकट में बीजेपी सरकार
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हरियाण में कांग्रेस के साथ गए निर्दलीय
हरियाणा में बीजेपी सरकार को समर्थन दे रहे हैं तीन निर्दलीय विधायकों ने अपना समर्थन वापस लेकर कांग्रेस को अब समर्थन दे दिया है। फिलहाल संख्या बल के आधार पर हरियाणा की बीजेपी सरकार अल्पमत में आ गई है।
कौन-कौन हुआ सरकार से बाहर
नायब सरकार से समर्थन वापस लेने वाले निर्दलीय की लिस्ट में नीलोखेड़ी से विधायक धर्मपाल गोंदर, दादरी से विधायक सोमबीर सांगवान और पुंडरी से निर्दलीय विधायक रणधीर गोलन के नाम शामिल हैं।
क्या बोले सीएम
निर्दलीय विधायकों के पाला बदलने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि उनके कांग्रेस को समर्थन करने की जानकारी मेरे ध्यान में आई है। हर व्यक्ति अपनी इच्छाओं से जुड़ा होता है। निर्दलीय विधायकों की भी कुछ इच्छाएं होती हैं। कांग्रेस आजकल ऐसे लोगों की इच्छाएं पूरी करने में लगी है। जनता जानती है किसकी क्या इच्छा है। कांग्रेस को जनता की इच्छा से कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस को सिर्फ अपनी इच्छा पूरी होने से मतलब है।
हरियाणा में समीकरण
- बीजेपी के पास हैं 40 विधायक+ दो निर्दलीय का समर्थन+एक हलोपा विधायक गोपाल कांडा का समर्थन है।
- वर्तमान में विधानसभा में 88 विधायक हैं। 2 सीट खाली है।
- सरकार को बहुमत के लिए चाहिए 45 विधायकों का समर्थन
- सरकार के पास 43 विधायकों का समर्थन
- कांग्रेस के 30+3 निर्दलीय विधायक
- जेजेपी के पास 10 विधायक
- एक इनेलो के पास विधायक
