Sunflower MSP Kisan Protest: सूरजमुखी के बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की मांग को लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र के पीपली में प्रदर्शन कर रहे किसानों ने मनोहर लाल खट्टर सरकार से फसल के लिए उचित मूल्य के आश्वासन के बाद मंगलवार रात को अपना आंदोलन समाप्त कर दिया। कुरुक्षेत्र DC शांतनु शर्मा ने कहा कि हरियाणा सरकार हमेशा किसानों के समर्थन में खड़ी रही है। सूरजमुखी की फसल के लिए मुख्यमंत्री ने MSP बढ़ाने पर सहमति जताई है। सूरजमुखी के बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मुल्य (MSP) की मांग पर राज्य सरकार की सहमति के फैसले के बाद किसानों ने जश्न मनाया।
मांग पूरी होने के बाद किसान नेता बोले...
कुरुक्षेत्र में सूरजमुखी के बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मुल्य की मांग पर एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किसान नेता करम सिंह मथाना ने कहा कि हमने एक हफ्ते तक संघर्ष किया है और आज आप सबके सहयोग से हमारी मांग को सरकार ने मान लिया है। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन समाप्त हुआ है आज रास्ते खोल दिए जाएंगे। हम इसलिए विरोध कर रहे थे कि हमारी फसल MSP पर खरीदी जाए। हम आगे भी MSP पर लड़ाई पूरे देश में करेंगे। भारत सरकार की MSP को लेकर जो दर है वह देना होगा। इसके बाद सूरजमुखी के बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मुल्य (MSP) की मांग पर राज्य सरकार की सहमति के फैसले के बाद किसानों ने जश्न मनाया।
सूरजमुखी की फसल के उचित मूल्य का आश्वासन
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि शाम को जिला प्रशासन के साथ नए सिरे से बातचीत के बाद, किसानों ने कुरुक्षेत्र के पीपली में विरोध प्रदर्शन समाप्त कर दिया और राष्ट्रीय राजमार्ग नाकाबंदी हटा ली जाएगी। कुरुक्षेत्र के डीसी शांतनु शर्मा ने कहा कि प्रदर्शनकारी किसानों को सूरजमुखी की फसल के उचित मूल्य का आश्वासन दिया गया है।
कुरुक्षेत्र में एक सप्ताह से किसान कर रहे थे प्रदर्शन
सूरजमुखी के बीज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की किसानों की मांग को लेकर हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पीपली में राष्ट्रीय राजमार्ग मंगलवार को लगातार दूसरे दिन अवरुद्ध रहा। सोमवार को और मंगलवार को दिन में किसानों और जिला प्रशासन के बीच वार्ता में कोई प्रगति नहीं हुई, लेकिन शाम को इसमें सफलता मिली। इससे पहले टिकैत ने राज्य सरकार से मांग स्वीकार करने या किसानों को जेल भेजने के लिए कहा था।
6400 रुपए प्रति क्विंटल एमएसपी की थी मांग
प्रदर्शनकारी किसानों ने इस मुद्दे पर एक महापंचायत आयोजित करने के बाद सोमवार दोपहर से पीपली के पास राजमार्ग (एनएच-44) को अवरुद्ध कर दिया था। यह राजमार्ग दिल्ली को चंडीगढ़ तथा कुछ अन्य मार्ग से जोड़ता है। किसान मांग कर रहे थे कि राज्य सरकार सूरजमुखी को 6,400 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदे। भावांतर भरपाई योजना के तहत राज्य सरकार एमएसपी से नीचे बेची जाने वाली सूरजमुखी की फसल के लिए अंतरिम समर्थन के रूप में 1000 रुपए प्रति क्विंटल दे रही है।
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