Haryana Jalebi Debate: हरियाणा चुनाव में जलेबी की खूब चर्चा हुई है। खासकर चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जलेबी के बहाने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तंज कसने का कोई मौका हाथ से नहीं जाने देना चाहती। हरियाणा में लगातार तीसरी बार जीत दर्ज करने के बाद भाजपा के नेता एवं कार्यकर्ता उत्साहित और जोश में हैं। हरियाणा भाजपा में जश्न का माहौल है। उन्होंने अपनी यह खुशी राहुल गांधी के साथ साझा की है। हरियाणा कांग्रेस ने राहुल गांधी के लिए एक किलो जलेबी उनके दिल्ली स्थित कार्यालय पर भेजी है।
हरियाणा में भाजपा ने लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की है।
जलेबी राहुल के दिल्ली स्थित कार्यालय भेजी
हरियाणा भाजपा ने एक्स पर अपने एक पोस्ट में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं की तरफ से हमने एक किलो जलेबी राहुल गांधी के घर भिजवा दी है। पार्टी ने अपने इस ऑर्डर का स्लिप भी पोस्ट किया है। बता दें कि अपनी एक चुनावी रैली में राहुल गांधी ने कहा कि इस इलाके में बड़े पैमाने पर जलेबी का उत्पादन होता है और यहां की जलेबी पूरे देश में बेची जाती है। यहां तक कि इसका निर्यात भी होता है। इससे लोगों को रोजगार मिलता है और कमाई होती है।
राहुल ने कहा था-जीएसटी से जलेबी कारोबार को नुकसान
राहुल गांधी ने दावा किया कि केंद्र सरकार की जीएसटी से जलेबी कारोबारियों को नुकसान होता है। अपने इस बयान के बाद राहुल गांधी भाजपा के निशाने पर आ गए। भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को यह भी पता नहीं है कि जलेबी कैसे तैयार होती है। पूर्व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह भी गोहाना की जलेबी पसंद करते हैं लेकिन किसी को भी यह जानना चाहिए कि वह बनती कैसे है और कैसे उसे बेचा जाता है। भाजपा नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी बोलने से पहले कोई रिसर्च नहीं करते।
प्रसिद्ध जलेबी निर्माता मातु राम हलवाई का एक डिब्बा दिखाया
हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने तीन अक्टूबर को गोहाना में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रसिद्ध जलेबी निर्माता मातु राम हलवाई का एक डिब्बा दिखाया और इस बात पर जोर दिया कि उनकी जलेबी पूरे देश में बेची जानी चाहिए। राहुल के इस बयान के बाद लखनऊ में कांग्रेस नेताओं ने जलेबी बांटी थी। भाजपा ने हरियाणा के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और 48 सीट पर जीत दर्ज की। इससे पहले, भाजपा ने 2014 के विधानसभा चुनाव में 47 सीट जीतकर पहली बार अपने बूते हरियाणा में सरकार बनाई थी। साल 2019 के चुनाव में उसे 40 सीट मिली थी।
