Suicide Case: उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बता दें कि हरदोई जिले की गर्रा नदी में कूदकर एक सिपाही ने आत्महत्या कर ली। मृतक सिपाही ने नदी में कूदने से पहले पिता को फोन किया था।
आत्महत्या केस
पिता को फोन कर सिपाही ने कहा था कि अब आप हमें जिंदा नहीं देख पाएंगे। जैसे ही पिता ने पुलिस को इसकी सूचना दी तो उसका सामान पुल पर रखा हुआ था, जबकि शव नदी से बरामद हुआ।
कहा तैनात था सिपाही?
सिपाही पीलीभीत में पुलिस लाइन में तैनात था, जो अपने कुछ साथियों के साथ क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर बनकर लूट के मामले में गिरफ्तार हुआ था। इसके बाद सिपाही को सस्पेंड कर दिया गया था। हालांकि, सिपाही जमानत पर बाहर था। पुलिस ने सिपाही के शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मामले की जांच में जुटी पुलिस
पुलिस इस मामले की जांच में जुटी हुई है। बता दें कि मृतक 2018 बैच में सिपाही के पद पर भर्ती हुआ था। मृतक सिपाही दो दिन पहले घर से पीलीभीत अपना वेतन लेने की बात कहकर निकला था और बीती रात को उसने अपने पिता से पीलीभीत लौट आने की बात कही थी।
सिपाही ने पिता से क्या कुछ कहा
गर्रा नदी के पुल पर खड़े होकर सिपाही ने पिता को फोन लगाया और कहा कि वो उसे आज के बाद नहीं देख पाएंगे। इतना कहने के बाद सिपाही ने फोन काट दिया और गर्रा नदीं में छलांग लगा दी।
बकौल पुलिस, बीती रात को साण्डी थाना क्षेत्र के अंतर्गत बरौलिया पुल पर एक कांस्टेबल रामू सिंह नदी में कूदकर आत्महत्या की। इसके तत्काल बाद पिता देवेंद्र सिंह ने थाने को इसकी सूचना दी। जिसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंच गई जहां उन्हें मृतक सिपाही का पर्स मिला।
पुलिस के मुताबिक, रात में गोताखोरों को लगाया गया, लेकिन नदी में कोई नहीं मिला। आज सुबह पुल से लगभग 50 मीटर पर शव मिला। स्थानीय पुलिस ने पंचायत नामा करा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
