उत्तराखंड के हल्द्वानी के 4000 से अधिक परिवारों के लिए नया साल इस बार खुशियों की जगह दुख को लाया है। दरअसल सालों से बनभूलपुरा में रहने वाले इन परिवारों को घर खाली करने का नोटिस मिला है। इन पर आरोप है कि इन्होंने रेलवे की जमीन पर कब्जा करके ये घर बनाया है। कोर्ट ने भी इस बात को अब मान लिया है और इन्हें घर खाली करने को कहा है।
4000 हजार से ज्यादा परिवार बेघर होने के लिए मजबूर
कब मिला नोटिस
रविवार (1 जनवरी) से हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पास अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले 4,000 से अधिक परिवारों को खाली करने का नोटिस दिया जाएगा। इन्हें उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार खाली करने के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा। नैनीताल जिले के अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र से कुल 4,365 अतिक्रमण हटाए जाएंगे।
कर रहे हैं आंदोलन
कोर्ट में हार जाने के बाद यहां पर रहने वाले लोग अब सड़कों पर उतरे हुए हैं। लोगों का कहना है कि वो यहां वर्षों से रह रहे हैं, अब उन्हें यहां से जाने के लिए कहा जा रहा है। ये सही नहीं है। उनके रहने का इंतजाम पहले किया जाए, इतनी ठंड में वो कहां जाएंगे।
क्या कहा रेलवे ने
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने रेलवे की 2.2 किलोमीटर लंबी पट्टी पर बने मकानों और अन्य ढांचों को गिराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इज्जत नगर के रेलवे पीआरओ राजेंद्र सिंह ने कहा- "लगभग 10 दिन पहले, हल्द्वानी में रेलवे की भूमि पर सभी अतिक्रमणों को हटाने के लिए उच्च न्यायालय का फैसला आया था। 4,365 अतिक्रमण हैं और हम स्थानीय समाचार पत्रों के माध्यम से नोटिस देंगे। रहने वालों को शिफ्ट करने के लिए सात दिन का समय दिया जाएगा; उसके बाद हम कार्रवाई करेंगे।"
बुलडोजर और फोर्स का होगा इस्तेमाल
बताया जा रहा है कि लोगों के विरोध को देखते हुए यहां कार्रवाई के समय में भारी मात्रा में फोर्स को तैनात किया जाए। बुलडोजरों की सहायता से यह जमीन अतिक्रमण मुक्त कराई जाएगी।
