Gujarat Election: गुजरात में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए बेटी बचाओ और गौरव नारी नीति जैसी करीब डेढ़ दर्जन योजनाएं लंबे समय से चल रही हैं। कई क्षेत्रों में इसके अच्छे परिणाम भी दिखे हैं, लेकिन जब बात चुनावी राजनीति की आती है तो यहां महिलाएं आज भी पीछे ही हैं।
गुजरात में महिला उम्मीदवारों की स्थिति रही है खराब
हाल बुरा
गुजरात राज्य के गठन के बाद अब तक हुए सभी 13 विधानसभा चुनावों में से किसी भी चुनाव में जीत दर्ज कर विधायक बनने वाली महिला उम्मीदवारों की संख्या नौ फीसदी के आंकड़े को नहीं छू सकी है। पहली बार 1985 में 182 सदस्यीय विधानसभा में 16 महिलाएं जीतकर पहुंचीं। इस चुनाव में 42 महिलाएं मैदान में थीं जबकि महिलाओं के मतदान का प्रतिशत 44.35 प्रतिशत था। कुल 1.92 करोड़ मतदाताओं में महिलाओं की संख्या करीब 95 लाख थी। इसके बाद 2007 और 2012 के चुनावों में एक बार फिर 16 महिलाएं चुनकर विधानसभा पहुंचीं।
सीटें बढ़ी लेकिन महिलाओं की स्थिति वैसी ही रही
वर्ष 1960 में गुजरात के गठन के बाद 1962 के चुनाव में 19 महिलाओं ने अपनी राजनीतिक किस्मत आजमाई और उनमें से 11 सफल रहीं। हालांकि, इसके बाद हुए 1967 के विधानसभा चुनाव में सीट संख्या 154 से 168 हो गई लेकिन केवल आठ महिलाएं ही विधानसभा की चौखट लांघ सकीं। 1972 के चुनाव में तो यह आंकड़ा सिर्फ एक रह गया। इस चुनाव में 21 महिलाएं मैदान में थीं।
साल 1975 के चुनाव में एक बार फिर विधानसभा सीट की संख्या में इजाफा हुआ और यह 181 हो गई। लेकिन इसके अनुरूप महिला विधायकों की संख्या में कोई खास वृद्धि नहीं हुई। इस चुनाव में 14 महिलाएं मैदान में थीं लेकिन केवल तीन ही जीत दर्ज कर सकीं। इसके बाद 1980 में 182 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में 24 में पांच, 1990 में 53 में चार, 1995 में 94 में सिर्फ दो और 1998 में 49 में से केवल चार महिलाएं ही जीत दर्ज कर सकीं।
पिछले चुनाव का हाल
पिछले विधानसभा चुनाव (2017) में यह आंकड़ा गिरकर 13 पर रह गया। इस चुनाव में सर्वाधिक 126 महिलाओं को राजनीतिक दलों ने अपना उम्मीदवार बनाया और 66.11 प्रतिशत महिलाओं ने मतदान किया। गुजरात के इस चुनावी सफर में ये आंकड़े महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी की कहानी बयां करते हैं।
यूपी में सबसे ज्यादा महिला विधायक
वर्तमान में सबसे अधिक महिला विधायक उत्तर प्रदेश में हैं। साल 2022 में 403 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में कुल 47 महिलाओं ने जीत दर्ज की। इसके बाद पश्चिम बंगाल है। पिछले (2021) विधानसभा चुनाव में यहां 40 महिलाओं ने जीत दर्ज की थी। यहां विधानसभा की 294 सीट हैं। बिहार में 2020 में 243 सीट के लिए हुए चुनाव में 26 महिलाओं ने जीत दर्ज की थी। राजस्थान में 2018 के विधानसभा चुनाव में 24 महिलाएं जीती थीं जबकि इसी साल मध्य प्रदेश में 21 महिलाएं चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचीं।
