What is GSTN: सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स नेटवर्क (Goods & Services Tax Network : GSTN) को धन शोधन निवारण अधिनियम (Prevention of Money Laundering Act :PMLA) के तहत लाने के लिए शनिवार (आठ जुलाई, 2023) को एक अधिसूचना जारी की। जीएसटीएन पर संग्रहीत जानकारी अब पीएमएलए अधिनियम के तहत साझा की जा सकती है।
तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (क्रिएटिवः अभिषेक गुप्ता)
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जियो कोडिंग पर जीएसटीएन ने कही यह बात
वैसे, जीएसटी नेटवर्क ने एक रोज पहले शुक्रवार (सात जुलाई, 2023) को कहा था कि उसने पंजीकृत कंपनियों के 1.8 करोड़ से अधिक पते-ठिकानों की ‘जियो-कोडिंग’ की है और यह सुविधा अब सभी राज्यों के साथ केंद्र शासित प्रदेशों के लिए उपलब्ध है। जियो-कोडिंग से रजिस्टर्ड इकाइयों के सही ठिकाने का पता लगाने और फर्जी पंजीकरण पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) पहले ही कुछ राज्यों में जियो-कोडिंग के लिए एक पायलट कार्यक्रम चला चुका है। इस व्यवस्था के तहत किसी जगह के पते या ठिकाने के डिटेल को भौगोलिक स्थिति (आक्षांश और देशांतर) में बदला जा सकता है। दरअसल, इस पहल का मकसद जीएसटी नेटवर्क के रिकॉर्ड में यह सुनिश्चित करना है कि कंपनी का पता-ठिकाना पूरी तरह से सटीक है।
What is GSTN? समझें
जीएसटीएन का मतलब गुड्स एंड सर्विस टैक्स नेटवर्क है। यह एक गैर-लाभकारी गैर-सरकारी कंपनी है। यह करदाताओं और अन्य हितधारकों सहित केंद्र और राज्य दोनों सरकारों को साझा आईटी बुनियादी ढांचा और सेवा प्रदान करती है। सभी करदाताओं को रजिस्टर्ड फ्रंट एंड सेवाएं, रिटर्न और भुगतान जीएसटीएन की ओर से ही मुहैया कराया जाता है। (एएनआई-पीटीआई इनपुट्स के साथ)देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
