Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र के चौथे सप्ताह की शुरुआत भी पिछले तीन हफ्तों की तरह हंगामेदार रही। अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के मुद्दे और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग पर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) सहित विपक्षी दलों के भारी विरोध के कारण सोमवार को लोकसभा की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। इसके चलते प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल सके। हालांकि सरकार ने इस दौरान चार विधेयक पेश किए। इस दौरान विपक्ष सदन से अनुपस्थित रहा।
लोकसभा में सरकार ने आज 4 बिल किए पेश
सदन में 11 बजते ही शुरू हुआ हंगामा
सोमवार सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की बैठक शुरू हुई, विपक्षी सांसद नारेबाजी करते हुए हंगामा करने लगे। आसन पर एन. के. प्रेमचंद्रन: सामान्य तौर पर प्रश्नकाल के दौरान अध्यक्ष ओम बिरला आसन पर होते हैं, लेकिन सोमवार को आरएसपी नेता एन. के. प्रेमचंद्रन पीठासीन अधिकारी थे। हंगामे के बीच उन्होंने प्रश्नकाल चलाने की कोशिश की, लेकिन अव्यवस्था के कारण बैठक शुरू होने के एक ही मिनट के भीतर कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
विपक्ष की अनुपस्थिति में पेश हुए चार प्रमुख विधेयक
दोपहर 12 बजे जब सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू हुई, तब भी स्थिति में कोई सुधार नहीं आया। पीठासीन सभापति संध्या राय के संचालन में विपक्षी सांसद 'गृह मंत्री कहां हैं?' के नारे लगाते रहे। भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच ही सरकार ने चार महत्वपूर्ण विधेयक सदन के पटल पर रखे:
- न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026: विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा पेश किया गया।
- खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026: कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी द्वारा पेश किया गया।
- केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026: गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किया गया।
- राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026: सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल द्वारा पेश किया गया।
अमित शाह की जगह किसने किए बिल पेश?
बता दें कि अंतिम दो विधेयक कार्यसूची में केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह के नाम से सूचीबद्ध थे, जिन्हें उनकी अनुपस्थिति में राज्य मंत्रियों ने पेश किया।
अपराह्न 2 बजे तक स्थगित हुई कार्यवाही
पीठासीन सभापति संध्या राय ने विधेयकों को पेश किए जाने का विरोध करने के लिए कुछ विपक्षी सदस्यों के नाम भी पुकारे, लेकिन नारेबाजी जारी रही। सदन में व्यवस्था बनते न देख पीठासीन सभापति ने दोपहर 12:14 बजे लोकसभा की बैठक को अपराह्न 2:00 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
