GM सरसों के ट्रायल की तैयारी में केंद्र! बोले टिकैत- नहीं करने देंगे...जब पूरे विश्व में कोई चीज बैन, फिर क्या जरूरत?

  • Edited by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Nov 6, 2022, 07:01 PM IST

सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ टिकैत ने 26 नवंबर को लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की और प्रदेशभर से किसानों से इसमें शामिल होने का आह्वान किया। टिकैत ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि के खिलाफ 61 दिनों से चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि वह लखनऊ के धरना प्रदर्शन के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र आंदोलन में शामिल होंगे।

भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने कहा है कि वह कहीं भी अनुवांशिकी तौर पर परिवर्तित (जीएम) सरसों [GM Mustard] का ट्रायल नहीं होने देंगे। उत्तर प्रदेश (UP) के प्रयागराज (Prayagraj) के धूमनगंज थाना के तहत झलवा के घुंघरू चौराहे के पास किसानों की हुई महापंचायत में उन्होंने बताया, ‘‘केंद्र सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने जीएम सरसों के ट्रायल की मंजूरी दी है। दो जगहों उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर और राजस्थान के भरतपुर में ट्रायल करने की तैयारी है। हम न तो उत्तर प्रदेश में और न ही राजस्थान में इसका ट्रायल होने देंगे।’’

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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत। (File)

बकौल टिकैत, ‘‘जब पूरी दुनिया में कोई चीज प्रतिबंधित है, 400 वैज्ञानिकों की रिपोर्ट हमारे पास है, बीटी काटन की खेती के खराब परिणाम हमारे पास हैं तो ऐसे में भारत सरकार को क्या जरूरत पड़ी है कि वह जीएम सरसों की खेती की अनुमति दे। क्या देश में सरसों की कमी है।’’ टिकैत ने आगे कहा- आप (सरकार) भाव दो, किसान उसे पैदा करके देगा। आने वाले समय में देश में बीज का भी कानून आएगा। बाहर की कंपनियों को बीज बनाने का अधिकार देने की तैयारी चल रही है। देश में बीज के थाने खुलेंगे और कंपनियों के बीज अवैध रूप से बोने वाले किसानों पर जुर्माना लगेगा और उन्हें सजा होगी। इन सब चीजों के खिलाफ हमारा आंदोलन जारी रहेगा।

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