अब्दुल रहमान मक्की को यूएनएससी ने वैश्विक आतंकी घोषित किया है। आश्चर्य की बात यह है कि जिस तरह से चीन अपने सदाबहार दोस्त पाकिस्तान के समर्थन में इन आतंकियों को बचाने की कोशिश करता रहा है, वो इस दफा शांत रहा। चीन के इस रुख पर पूर्व राजनयिक सैय्यद अकबरुद्दीन ने कहा कि निश्चिक तौर पर यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती साख है। मक्की,जमात उद दावा के मुखिया का साला है। जिस तरह से सईद भारत की सीने को छलनी करता रहा है, ठीक उसी के नक्शेकदम पर मक्की भी चलता रहा है। मक्की के बारे में कहा जाता है कि वो आतंकी संगठन लश्कर ए तैय्यबा और जमात उद दावा के लिए फंडिंग का काम करता है। यहां पर हम बताएंगे कि भारत में हुए कुछ खास आतंकी हमले में मक्की का जुड़ाव किस तरह रहा है। मक्की को 2019 में गिरफ्तार किया गया था और वो हाउस अरेस्ट में है। 2020 में पाकिस्तान की अदालत ने टेरर फंडिंग केस में सजा सुनाई थी।
अब्दुल रहमान मक्की अब वैश्विक आतंकी
मक्की की भूमिका
आतंकी जमात के लिए धन जुटाने का कामआतंकियों की भर्ती की जिम्मेदारी
युवाओं को हिंसा के लिए भड़काने का काम
इन आतंकी हमलों में मक्की का नाम
- 22 दिसंबर 2000 लाल किले पर हमला, लश्कर के 6 आतंकी लाल किले में घुस कर सुरक्षाबलों को निशाना बनाया था।
- 1 जनवरी 2008, यूपी के रामपुर में सीआरपीएफ कैंप पर हमला
- 2008 में देश की आर्थिक राजधानी मुंबई पर हमला, जिसमें 175 लोगों की मौत हुई
- 12-13 फरवरी 2018, श्रीनगर में सीआरपीएफ कैंप पर हमला, एक जवान हुआ था शहीद
- 30 मई 2018 को बारामूला में लश्कर के तीन आतंकियों ने निर्दोष लोगों को बनाया था निशाना
- 14 जून 2018 को राइजिंग कश्मीर के एडिटर सुजात बुखारी समेत तीन की हत्या, लश्कर ने ली थी जिम्मेदारी
- बांदीपोरा में लश्कर के आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी। हालांकि भारतीय फौज ने घुसपैठ को नाकाम कर दिया था।
पाकिस्तानी नागरिक है मक्की
मक्की, पाकिस्तान का नागरिक है और मुंबई हमलों का आरोपी भी है। पिछले साल मुंबई और दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की काउंटर टेररिज्म की बैठक हुई थी जिसमें वीडियो के जरिए मक्की, सईद की भूमिका को विस्तार से भारत ने वैश्विक जगत के सामने रखा था। भारत ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि वैश्विक समाज जब आतंक के खिलाफ लड़ाई लड़ने की बात करता है तो आतंक के इन सौदागरों को अलग नजरिए से कैसे देखा जा सकता है।
