सुझाव देना न तो आलोचना है और न ही निंदा; दल रचनात्मक राजनीति करें — उपराष्ट्रपति की अपील

​राज्यसभा इंटर्नशिप प्रोग्राम (RSIP) के आठवें बैच के उद्घाटन समारोह को उपराष्ट्रपति धनखड़ ने आज उपराष्ट्रपति निवास में संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, विकास के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, देश की प्रगति के मुद्दों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।

देश के उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज देश की राजनीति को और अधिक सौहार्दपूर्ण, मर्यादित और गरिमामय बनाने की अपील की है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों और नेताओं से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत हमलों और अनुचित भाषा से परहेज़ करें और आपसी सम्मान और संवाद की संस्कृति को बढ़ावा दें।

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ (फोटो- @VPIndia)

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आज राजनीतिक दलों के बीच सौहार्द और आपसी सम्मान की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा- “मैं देश के राजनीतिक परिदृश्य के सभी लोगों से अपील करता हूं — कृपया एक-दूसरे का सम्मान करें। कृपया टीवी या अन्य माध्यमों पर एक-दूसरे के नेताओं के खिलाफ अनुचित भाषा का प्रयोग न करें। यह संस्कृति हमारी सभ्यतागत परंपरा का हिस्सा नहीं है। हमें अपनी भाषा को लेकर सतर्क रहना चाहिए... व्यक्तिगत हमलों से बचिए। मैं सभी राजनेताओं से अपील करता हूं — एक-दूसरे को गलत नामों से पुकारना बंद करें। जब विभिन्न दलों के लोग वरिष्ठ नेताओं के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, तो इससे हमारी संस्कृति को नुकसान होता है।

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