बंगाल में सात साल बाद CBI को फिर मिली एंट्री, 2018 में ममता सरकार ने लगाई थी रोक; सुवेंदु सरकार ने बहाल की जनरल कंसेंट

​पश्चिम बंगाल में नवंबर 2018 में तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार ने राज्य में जांच और छापे मारने के लिए सीबीआई को दी गई 'सामान्य सहमति' वापस ले ली थी। जिसे अब सुवेंदु सरकार ने बहाल कर दिया है।

पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों (सीपीएसयू) के कर्मचारियों से जुड़े मामलों में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की जांच के लिए सामान्य सहमति सोमवार को बहाल कर दी। राज्य के गृह एवं पर्वतीय कार्य विभाग ने इस बाबत एक अधिसूचना जारी कर दी है।

बंगाल में सात साल बाद CBI को फिर मिली एंट्री

बंगाल में सात साल बाद CBI को फिर मिली एंट्री

अधिसूचना में क्या?

इसमें कहा गया है कि दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (डीएसपीई) अधिनियम, 1946 की धारा छह के तहत पश्चिम बंगाल सरकार ’’राज्य में केंद्र सरकार एवं सार्वजनिक क्षेत्र के केंद्रीय उपक्रमों के कर्मचारियों और निजी व्यक्तियों (चाहे वे अलग से कार्य कर रहे हों या केंद्र सरकार और केंद्र सरकारी उपक्रमों के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हों) द्वारा कथित तौर पर किए गए अपराधों की जांच के लिए दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना (सीबीआई) के सदस्यों की शक्तियों और अधिकार क्षेत्र के विस्तार को अपनी सहमति देती है।

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