Times Now Summit 2024: गगनयान मिशन में कई अहम सेफ्टी टेस्ट जारी, 2025 के अंत तक होगा शुरू...बोले ISRO वैज्ञानिक एम शंकरन

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 27, 2024, 03:13 PM IST

एम शंकरन ने कहा कि आमतौर पर स्पेसक्राफ्ट परफॉर्मेंस के लिए तैयार किया जाता है, सेफ्टी दूसरी प्राथमिकता होती है। लेकिन हमने गगनयान मिशन में इसका खास ध्यान रखा है।

Times Now Summit 2024: यूआरएससी (URSC), इसरो (ISRO) डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस के डायरेक्टर व वैज्ञानिक एम शंकरन टाइम्स नाउ समिट 2024 के मंच पर पहुंचे। उन्होंने इसरो के महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन के बारे में विस्तार से बात की। उन्होंने कहा- गगनयान के मिशन के कई हिस्से थे, फेलियर रेट को ध्यान में रखा गया था, क्रू को बचाने का उद्देश्य था। लॉन्च व्हीकल जब ऑर्बिट पर जाएगा तो इमरजेंसी होने पर क्रू सुरक्षित रहना चाहिए। क्रू एस्केप टेस्ट अभी चल रहा है। हम 2-3 अनक्रूड मिशन का संचालन कर रहे हैं, अगर सभी सेफ्टी मिशन पूरे हो जाते हैं तो अगले साल के अंत तक हम मिशन शुरू कर सकते हैं।

M shankaran

ISRO वैज्ञानिक एम शंकरन

दुनिया हमारी तरफ देख रही है...

सबसे अधिक चैलेंजिंग क्या था, इस सवाल पर एम शंकरन ने कहा कि अप्रोच अलग था, आमतौर पर स्पेसक्राफ्ट परफॉर्मेंस के लिए किया जाता है, सेफ्टी दूसरी प्राथमिकता होती है। लेकिन ह्यूमन फ्लाइट ऐसे नहीं जा सकता, इसमें दो-तीन फेलियर हो सकते हैं जिसका ध्यान रखना होता है। इसलिए स्पेसक्राफ्ट में नए सिस्टम लाए जा रहे हैं ताकि ये सफल हो सके। मिशन को लेकर बहुत उम्मीदें हैं, दुनिया हमारी तरफ देख रही है। अमेरिका को कमर्शिलय क्रू फ्लाइट को लेकर दिलचस्पी है। ऐसे मिशन के लिए हमारे पास बैकअप होना चाहिए, इसरो से अलग किसी का बैकअप होना चाहिए। इसी तरह वो भी हमारी तरफ देख रहे हैं, ताकि उन्हें भी बैकअप मिले।

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