FSSAI: देश में खाद्य सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा कदम उठाया है। अब FSSAI ने देशभर के रेस्टोरेंट, होटल, ढाबों, फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को जंग लगे, टूटे-फूटे और क्षतिग्रस्त चाकू, ब्लेड तथा कटिंग उपकरणों का उपयोग तुरंत बंद करने का निर्देश दिया है।
जंग लगे चाकुओं का इस्तेमाल न करने के निर्देश
FSSAI की एडवाइजरी
FSSAI ने अपनी एडवाइजरी में कहा कि ऐसे उपकरण खाद्य पदार्थों को दूषित कर सकते हैं और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। इसलिए सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBOs) को इन्हें तत्काल हटाने और सुरक्षित उपकरणों का उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया है। खाद्य सुरक्षा नियामक के अनुसार जंग लगे, क्षरित, टूटे हुए या धार से क्षतिग्रस्त चाकू और ब्लेड भोजन में धातु के कण, जंग या अन्य हानिकारक तत्व मिला सकते हैं। इससे भोजन की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ सकता है।
FSSAI का मानना है कि खाद्य उद्योग में स्वच्छता और सुरक्षा के उच्च मानकों को लागू करने के लिए ऐसे उपकरणों का उपयोग पूरी तरह समाप्त किया जाना जरूरी है। इससे पहले 12 जून को FSSAI ने खाद्य पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले स्टेपल पिन, धातु के तार और अन्य समान सामग्री के उपयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का निर्देश जारी किया था। नियामक ने कहा था कि कई मामलों में खाद्य पैकेटों और केक आदि में स्टेपल पिन पाए गए, जिससे उपभोक्ताओं के गलती से इन्हें निगलने का खतरा बढ़ जाता है।
नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि निर्देशों का पालन नहीं करने वाले खाद्य व्यवसाय संचालकों के खिलाफ फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
खाद्य सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के दिनों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता से जुड़ी शिकायतों को देखते हुए FSSAI लगातार सख्ती बढ़ा रहा है। पहले स्टेपल पिन और धातु के तारों पर कार्रवाई तथा अब जंग लगे चाकुओं और कटिंग उपकरणों पर रोक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
