शुरू हुई चौथी भारत-मध्य एशिया वार्ता, जयशंकर ने किया 5 देशों के विदेश मंत्रियों का किया स्वागत; पहलगाम आतंकी हमले को लेकर कही ये बात

4th India-Central Asia Dialogue: नई दिल्ली में चौथी भारत-मध्य एशिया वार्ता के लिए कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रियों का स्वागत एस. जयशंकर ने किया। जयशंकर ने 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करने में मध्य एशियाई देशों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।

4th India-Central Asia Dialogue: विदेश मंत्री (EAM) एस. जयशंकर ने शुक्रवार को नई दिल्ली में चौथी भारत-मध्य एशिया वार्ता के लिए कजाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान, किर्गिस्तान और ताजिकिस्तान के विदेश मंत्रियों का स्वागत किया। भारत पूरे क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी और कट्टरपंथ विरोधी साझेदारी को बढ़ाने में मजबूती से आगे बढ़ रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर पोस्ट किया कि चौथी भारत-मध्य एशिया वार्ता दिल्ली में शुरू हुई। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कजाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री मूरत नर्टलेउ, ताजिकिस्तान के विदेश मंत्री सिरोजिद्दीन मुहरिद्दीन, तुर्कमेनिस्तान के मंत्रियों के कैबिनेट उपाध्यक्ष और विदेश मंत्री राशिद मेरेदोव, किर्गिस्तान के विदेश मंत्री झीनबेक कुलुबाएव और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव का गर्मजोशी से स्वागत किया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने चौथे भारत-मध्य एशिया वार्ता में अपना उद्घाटन भाषण देते हुए 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकवादी हमले की निंदा करने में मध्य एशियाई देशों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। जयशंकर ने कहा कि मैं इस बात की सराहना करता हूं कि आपके देश भारत के साथ खड़े रहे और पहलगाम में अप्रैल में हुए जघन्य आतंकवादी हमले की निंदा की।

S Jaishankar

नई दिल्ली में शुरू हुई चौथी भारत-मध्य एशिया वार्ता

पीएम मोदी से भी 5 देशों के विदेश मंत्री करेंगे मुलाकात

विदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीडिया पर पांच मध्य एशियाई विदेश मंत्रियों की मेजबानी करते हुए लिखा कि चौथी भारत-मध्य एशिया वार्ता की शुरुआत में मध्य एशियाई सहयोगियों के साथ। शुक्रवार को भारत-मध्य एशिया वार्ता में हिस्सा लेने के बाद सेंट्रल एशियन मिनिस्टर अपनी भारत यात्रा खत्म करने से पहले शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगे। शुक्रवार को वार्ता के चौथे संस्करण के दौरान, मंत्री भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। इसमें व्यापार, कनेक्टिविटी, प्रौद्योगिकी और विकास सहयोग पर खास ध्यान दिया जाएगा। वह क्षेत्रीय सुरक्षा की चुनौतियों और आपसी हितों के अन्य क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा करेंगे।

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