Nitesh Rane: शिवसेना UBT के पूर्व सांसद विनायक राउत ने अपने द्वारा मंत्री नितेश राणे को भेजे नोटिस में आरोप लगाया है कि मंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 164(3) के अनुसार पद की शपथ लेते समय अपनाए जाने वाले संवैधानिक कर्तव्य को पूरा नहीं कर रहे हैं, नोटिस मिलने के 15 दिन में अगर बयान वापस नहीं लिया तो महाराष्ट्र के राज्यपाल से मंत्री नितेश राणे को बर्खास्त करने की नोटिस दायर कर करेंगे मांग
मंत्री नीतेश राणे
विनायक राउत द्वारा भेजे गए नोटिस के मुताबिक..
मत्स्य पालन और बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने कुडाल, जिला सिंधुदुर्ग में भारतीय जनता पार्टी की एक बैठक आयोजित की..इस बैठक में बोलते हुए उन्होंने कहा, ''मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि आने वाले दिनों में जिला योजना के लिए फंड होगा, पार्टी का कोई भी फंड होगा, कोई भी सरकार होगी वह सिर्फ महायुति के कार्यकर्ताओं को ही मिलेगी, किसी और को नहीं.'' राणे ने यह भी कहा कि, ''मैं आपको पहले ही बता देता हूं कि जिन गांवों में ubt और महाविकास अघाड़ी के सरपंच या पदाधिकारी हैं..वहां मैं एक भी रुपये का फंड नहीं दूंगा.
अगर किसी को गांव का विकास करना है तो महायुति से जुड़कर ही काम होगा..अन्यथा विकास नहीं होगा.' मंत्री के पद पर बैठे व्यक्ति के लिए इस तरह का भेदभावपूर्ण, असमानता और घृणित बयान देना असंवैधानिक है और यह संविधान और लोगों का अपमान है
नोटिस में कहा गया है कि..
नितेश राणे ने मंत्री पद की शपथ ली है कि वह बिना किसी के प्रति द्वेष, नफरत और किसी के प्रति विशेष प्रेम प्रदर्शित किए बिना सभी नागरिकों के लिए काम करने के लिए बाध्य होंगे, क्या वह उस संवैधानिक शपथ को भूल गए?
कानूनी नोटिस इसलिए भेजा जा रहा है क्योंकि नितेश राणे लोकतंत्र को कुशासन की ओर ले जा रहे हैं और महाराष्ट्र की राजनीति में गलत पैर जमा रहे हैं..इससे पहले नितेश राणे ने लोकसभा चुनाव से पहले सरपंचों की एक सभा में ऐसा ही बयान दिया था..तब सार्वजनिक धमकी दी गई थी कि 'जो लोग भारतीय जनता पार्टी के नहीं हैं, जो बीजेपी उम्मीदवार नारायण राणे को वोट नहीं देंगे, जिन गांवों से नारायण राणे को बढ़त नहीं मिलेगी, उन्हें कोई विकास निधि नहीं मिलेगी'
नितेश राणे असंवैधानिक रूप से कार्य कर रहे हैं क्योंकि वह संविधान के अनुच्छेद 164(3) के तहत राज्यपाल द्वारा दिलाई गई मंत्री पद की शपथ का उल्लंघन कर रहे हैं..
इसलिए, नोटिस में कहा गया है कि राज्यपाल से अनुरोध किया जाएगा कि वे नीतेश राणे को मंत्री पद पर नहीं बनाए रखने का निर्णय लें,..जो भाजपा के सदस्यों और भाजपा और अन्य दलों को वोट देने वाले जो भाजपा विरोधी हैं और महाविकासघाड़ी के सदस्यों को धमकी देकर भेदभाव और असमानता पैदा कर रहे हैं
क्या भाजपा सिर्फ अपने पार्टी सदस्यों को ही भारत मानता है? नितेश राणे को इस बारे में मुंबई और दिल्ली में अपने 'आकाओं' से पूछना चाहिए कि समाज में नफरत फैलाकर 'सबका साथ सबका विकास' का नारा कैसे साकार होगा?
इससे पहले भी नोटिस में कहा गया है कि नितेश राणे पर महाराष्ट्र में हर जगह एकता और भाईचारे के खिलाफ हिंसा फैलाने के कई मामले दर्ज हैं..मंत्री बनने के बाद भी नितेश राणे इसी तरह के बयान देकर राष्ट्रीय एकता को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं..न केवल अनुच्छेद 164(3) के अनुसार उन्होंने जो संवैधानिक शपथ ली है..लेकिन मंत्री नितेश राणे ने बाबा साहेब अंबेडकर का अपमान भी किया है
नोटिस में यह भी कहा गया है कि नितेश राणे को शीघ्र घोषणा करनी चाहिए कि उन्होंने ऐसे भेदभावपूर्ण और घृणास्पद बयान वापस ले लिए हैं कि सिंधुदुर्ग में केवल उन लोगों को विकास निधि दी जाएगी जो भाजपा कार्यकर्ता हैं..नोटिस में यह भी मांग की गई है कि उन्हें यह कहना चाहिए कि वह इसके बाद इस तरह का असंगत बयान नहीं देंगे और घोषणा करेंगे कि वह वास्तव में भारत के संविधान के अनुच्छेद 164 (3) के तहत मंत्री के रूप में ली गई शपथ का पालन करेंगे, उक्त कानूनी नोटिस का 15 दिनों के भीतर जवाब न देने पर मुद्दे को महाराष्ट्र के राज्यपाल के पास दायर किया जाएगा
