Council of Ministers Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार का पूरा फोकस अब भविष्य, सुधारों और “विकसित भारत 2047” के विजन पर होना चाहिए। करीब साढ़े चार घंटे चली इस बैठक को मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल की अब तक की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में माना जा रहा है।
मंत्रिपरिषद बैठक में पीएम मोदी का बड़ा संदेश (फाइल फोटो)
सूत्रों के मुताबिक बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रियों से कहा, “बीती बातें भूलिए, भविष्य पर ध्यान दीजिए।”
बैठक ऐसे समय हुई है जब केंद्र में मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने वाले हैं और राजनीतिक हलकों में संभावित कैबिनेट फेरबदल की चर्चाएं भी तेज हैं। 9 जून को मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के दो साल और केंद्र में कुल 12 साल पूरे करेगी।
“जनता का हित सर्वोच्च प्राथमिकता”
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी ने सभी मंत्रालयों को निर्देश दिया कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाना होना चाहिए। उन्होंने “ईज ऑफ लिविंग” और प्रशासनिक सुधारों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सरकारी कामकाज में गति और पारदर्शिता बढ़ाई जाए।
प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि फाइलों की आवाजाही तेज होनी चाहिए और अनावश्यक नौकरशाही देरी को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग करने और हर प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि “विकसित भारत 2047 सिर्फ नारा नहीं, हमारा संकल्प है।”
नौ मंत्रालयों की प्रजेंटेशन
बैठक में कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, कॉरपोरेट मामलों, विदेश, वाणिज्य और बिजली समेत नौ मंत्रालयों ने अपने-अपने विभागों की प्रजेंटेशन दी। इन मंत्रालयों ने पिछले दो वर्षों में किए गए सुधारों, उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी मंत्रिपरिषद के सामने रखी। सूत्रों के मुताबिक सरकार आने वाले महीनों में सुधारों की रफ्तार और तेज करने की तैयारी में है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच आर्थिक और प्रशासनिक फैसलों को लेकर सरकार सतर्क नजर आ रही है।
विदेश नीति और कूटनीतिक पहल पर भी चर्चा
बैठक में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हालिया पांच देशों की सफल विदेश यात्रा और भारत की कूटनीतिक पहलों को लेकर मंत्रिपरिषद को जानकारी दी। उन्होंने वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका और रणनीतिक साझेदारियों पर भी प्रस्तुति दी। करीब 11 महीने बाद हुई इस केंद्रीय मंत्रिपरिषद बैठक को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। इससे पहले ऐसी बैठक पिछले साल 4 जून को आयोजित हुई थी।
