Flood News: देश के कई राज्यों में भारी बारिश और नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी के चलते बाढ़ की आशंका गहराने लगी है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) द्वारा गुरुवार को जारी किए गए दैनिक बाढ़ बुलेटिन में 21 नदी निगरानी स्थलों पर बाढ़ की संभावना जताई गई है, जिनमें से चार स्थल गंभीर स्थिति की ओर बढ़ रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि किसी भी नदी ने अभी तक अपने उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) को पार नहीं किया है, लेकिन असम और बिहार में चार स्थानों पर जलस्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है, जिससे स्थानीय प्रशासन और निवासियों की चिंता बढ़ गई है।
देश के कई शहरों में बाढ़ का खतरा (फाइल फोटो- PTI)
असम और बिहार में खतरे की घंटी
बुलेटिन के अनुसार, असम के गोलाघाट जिले में धनसिरी नदी, और बिहार में बागमती और गंडक नदियों का जलस्तर चिंताजनक बना हुआ है। इन नदियों में या तो जलस्तर लगातार बढ़ रहा है या स्थिर बना हुआ है, जो आने वाले दिनों में बाढ़ का संकेत हो सकता है। इसके साथ ही असम के कछार, करीमगंज और हैलाकांडी जिलों में क्रमशः बराक, कुशियारा और कटखल नदियों के जल स्तर में भी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। बिहार में रुनीसैदपुर में बागमती और बसुआ में कोसी नदी का जल स्तर भी बढ़ रहा है, हालांकि अभी ये खतरे के निशान से नीचे हैं।
उत्तर प्रदेश, ओडिशा और बंगाल भी बाढ़ की जद में
उत्तर प्रदेश के फतेहगढ़, गढ़मुक्तेश्वर और कछला ब्रिज सहित कई गंगा नदी के निगरानी केंद्रों पर जलस्तर चेतावनी सीमा से ऊपर पहुंच गया है। वहीं एल्गिनब्रिज पर घाघरा नदी और खड्डा में गंडक नदी पर भी बारीकी से निगरानी रखी जा रही है। ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ नदी क्षेत्र भी बाढ़ के खतरे में हैं, जहां जलस्तर चेतावनी और खतरे की सीमा के बीच बना हुआ है।
जलाशयों का भरना बढ़ा रहा चिंता
देश भर के 13 राज्यों के 25 जलाशयों में जल प्रवाह अधिकतम सीमा तक या उससे अधिक हो चुका है। इनमें शामिल हैं:
- श्रीशैलम (आंध्र प्रदेश)
- अलमट्टी (कर्नाटक)
- हीराकुंड (ओडिशा)
- इंदिरा सागर और बरगी बांध (मध्यप्रदेश)
कई अन्य राज्य शामिल
तेलंगाना के लक्ष्मी बैराज (गोदावरी नदी) में सबसे अधिक 18,000 क्यूमेक्स जल प्रवाह दर्ज किया गया, जबकि मध्यप्रदेश के इंदिरा सागर में 11,000 क्यूमेक्स पानी बह रहा है। इसमें कहा गया है कि प्रवाह पूर्वानुमान वाले अन्य प्रभावित राज्यों में झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल शामिल हैं, जहां मैथन, पंचत, गोसीखुर्द, मेट्टूर और कांग्साबती जैसे स्थानों पर जल स्तर पर करीबी नजर रखी जा रही है।
