Finland President India Visit: फिनलैंड के राष्ट्रपति डॉ. अलेक्जेंडर स्टब 4 से 7 मार्च तक भारत का दौरा करेंगे। उनके साथ फिनलैंड के कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और व्यापारिक प्रतिनिधि भी भारत आएंगे। राष्ट्रपति स्टब इस अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 11वें रायसीना संवाद में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेंगे। यह राष्ट्रपति स्टब का भारत का पहला दौरा होगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति स्टब विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा करेंगे। दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों के अलावा बहुपक्षीय मंचों में सहयोग पर भी अपने विचार साझा करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति के सम्मान में एक औपचारिक भोज का आयोजन भी करेंगे।
फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब (फोटो: ANI)
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से करेंगे मुलाकात
इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति स्टब भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भेंट करेंगे। इसके बाद उनका कार्यक्रम उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर से मुलाकात का भी है। इसके बाद राष्ट्रपति स्टब मुंबई का दौरा करेंगे, जहां वे महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलेंगे। इस दौरान वे भारतीय व्यापारिक समुदाय के साथ विचार-विमर्श करेंगे और भारत-फिनलैंड व्यापार कार्यक्रम में भाग लेंगे। साथ ही, वे मुंबई विश्वविद्यालय के छात्रों को भी संबोधित करेंगे।
भारत और फिनलैंड के बीच संबंध
भारत और फिनलैंड के बीच संबंध हमेशा से सौहार्दपूर्ण, मैत्रीपूर्ण और बहुआयामी रहे हैं, जो दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं। फिनलैंड यूरोपीय संघ और नॉर्डिक क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण सहयोगी है। फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ओर्पो की फरवरी 2026 में एआई इम्पैक्ट समिट के लिए भारत यात्रा के बाद, राष्ट्रपति स्टब का यह दौरा दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने और आम लोगों के बीच रिश्तों को गहरा करने की साझा प्रतिबद्धता को उजागर करता है।
अमेरिकी राज्य विभाग ने क्या जानकारी दी
अमेरिकी राज्य विभाग की जानकारी के अनुसार, उपविदेश सचिव क्रिस्टोफर लैंडौ 3 से 6 मार्च तक नई दिल्ली का दौरा करेंगे। इस दौरान वे भारत के प्रमुख जियोपॉलिटिकल फोरम, रायसीना डायलॉग 2026 में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे और प्रेसिडेंट ट्रंप की "अमेरिका फर्स्ट" नीतियों को आगे बढ़ाएंगे। इसके अलावा, उपविदेश सचिव सीनियर भारतीय अधिकारियों से मिलकर आवश्यक खनिजों और नारकोटिक्स के खिलाफ द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करेंगे। वे अमेरिकी व्यवसायों के लिए बाजार तक पहुंच बढ़ाने, वाणिज्यिक और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और एक स्वतंत्र, खुले तथा समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र के साझा विजन को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान देंगे।
अमेरिकी दूतावास ने बताया ये
जानकारी के मुताबिक, साउथ और सेंट्रल एशियन मामलों के अमेरिकी विदेश मामलों के सहायक सचिव असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट एस. पॉल कपूर 1 से 3 मार्च तक नई दिल्ली में हैं। अमेरिकी दूतावास का कहना है कि, कपूर "हिंद-प्रशांत में क्षेत्रीय सुरक्षा और साझा प्राथमिकता" पर चर्चा करने के लिए भारतीय अधिकारियों से मिल रहे हैं। दूतावास ने ये भी कहा कि उनका दौरा राष्ट्रपति ट्रंप के एक मजबूत और आपसी फायदे वाले अमेरिकी-भाषा पार्टनरशिप के विजन को आगे बढ़ाने के लिए हाल की रफ्तार पर बना है।
(इनपुट - आईएएनएस)
