PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि किसानों का हित उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है और उन्होंने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किया हुआ अपना वादा पूरा किया है। बनासकांठा में रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि वह बीते 25 सालों से किसानों की सेवा कर रहे हैं। पीएम ने बदलते मौसम का जिक्र करते हुए कहा कि मौसम में हो रहा बदलाव किसानों के लिए चुनौती है। मौसम से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए हमारी सरकार ने किसानों को फसल बीमा सुरक्षा का कवच दिया है।
बनासकांठा में पीएम मोदी की रैली।
पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त जारी की
पीएम ने कहा कि यहां बनासकांठा के लाखों किसान परिवारों के खाते में भी करीब 50 करोड़ रुपए पहुंचे हैं। साथियों, बीते वर्षों में हमारी सरकार की नीतियों की वजह से 50 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा किसानों को मिले हैं या उनकी बचत हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पीएम किसान सम्मान निधि के करीब साढ़े चार लाख करोड़ रुपये सीधे छोटे किसानों के बैंक खाते में पहुंचे हैं। आज करीब 10 करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी गई है। गुजरात के 50 लाख से अधिक किसानों को भी इसका लाभ मिला है। इनके खातों में 1 हजार करोड़ रुपए से अधिक जमा हुए हैं।
देश का कृषि बजट अब पांच गुना से अधिक-PM
पीएम ने कहा कि हमारे किसान, हमारे अन्नदाता, विकसित भारत के सबसे मजबूत स्तंभों में से एक हैं। और हमारी सरकार ने हमेशा किसानों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। 2013-14 की तुलना में देश का कृषि बजट अब पांच गुना से अधिक हो गया है। पीएम किसान सम्मान निधि अब करोड़ों छोटे किसानों के जीवन का हिस्सा बन गई है। देश के लोगों के लिए भी अजूबा होगा कि इस सभा में सारे लोग चारपाई पर बैठे हुए हैं। हमारे गांव की इस महान परंपरा को आज हमारे बनासकांठा ने जीवित कर दिया है।
'खेती हमारी संस्कृति है'
रैली को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि खेती हमारी संस्कृति है। हमने कृषि और पशुपालन को तकनीक से जोड़ा है। आज किसानों को 26 करोड़ से अधिक सॉइल हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए जा चुके हैं। पशुपालन हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें हमारी बहनों की बहुत बड़ी भागीदारी है। पिछले एक दशक में हमने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में भी विज्ञान और तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है। दुनिया में जारी अनिश्चितताओं के बीच उर्वरकों की कीमतों में भारी उछाल आया, लेकिन किसानों के कल्याण के लिए समर्पित हमारी सरकार ने कीमतों में इस बढ़ोतरी का बोझ किसानों पर नहीं पड़ने दिया। इस पर सरकार ने 16 लाख करोड़ रुपये खर्च किए।
