Bihar Elections 2025: संसद से लेकर सड़क तक इंडी गठबंधन के घटक दलों ने बिहार में जारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की कवायद के विरोध में हल्ला बोला। इस बीच, बिहार में मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने गुरुवार को कहा कि आयोग किसी प्रभाव में आकर मृतकों, स्थायी रूप से पलायन कर चुके लोगों या कई जगहों पर मतदाता के रूप में दर्ज लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं कर सकता।
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
चुनाव आयोग का बड़ा संदेश
चुनाव आयोग के अनुसार, उन्होंने कहा कि क्या निर्वाचन आयोग द्वारा पारदर्शी प्रक्रिया के माध्यम से तैयार की जा रही शुद्ध मतदाता सूची निष्पक्ष चुनाव और मजबूत लोकतंत्र की नींव नहीं है? उन्होंने कहा कि पहले बिहार में और बाद में पूरे देश में अपात्र लोगों को वोट देने की अनुमति देना संविधान के विरुद्ध है।
उन्होंने रेखांकित किया कि इन सवालों पर, किसी न किसी दिन, हम सभी और भारत के सभी नागरिकों को राजनीतिक विचारधाराओं से परे जाकर गहराई से सोचना होगा। सनद रहे कि बिहार में मतदाता सूची के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत घर-घर जाकर जांच करने पर निर्वाचन अधिकारियों ने अब तक पाया है कि 52 लाख से अधिक मतदाता अपने पते पर मौजूद नहीं थे और 18 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है।
