अगर तानाशाही तो मोदी चुनावों में क्यों करते हैं मेहनत ? चीन से निपटने में 2 ऐतिहासिक चैलेंज -जयशंकर

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 25, 2022, 06:09 PM IST

Times Now Summit 2022: विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने उन आरोपों पर, सवाल करते हुए कहा कि जो लोग भारत में लोकतांत्रित तानाशाही की बात करते हैं, उनसे यह पूछना चाहिए कि अगर सब कुछ फिक्स है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर चुनावों में इतनी कड़ी मेहनत क्यों करते हैं। उन्हें तो चुपचाप बैठ जाना चाहिए।

KEY HIGHLIGHTS
  • 10 साल पहले कुछ लोगों के लिए विदेश नीति का मतलब था कि सुरक्षा के लिए सबसे अच्छी नीति है कि सीमा पर विकास ही नहीं करो।
  • 1962 में चीन से हार और दोनों देशों की इकोनॉमी की रियल्टी ऐतिहासिक चुनौती है।
  • भारत अपनी नीतियों की वजह से दुनिया को आकर्षक लग रहा है।

Times Now Summit 2022: भारत वो करता है जो उसके लिए अच्छा होता है। और यही हमारी विदेश नीति है। हम इस आधार पर फैसले नहीं लेते हैं कि दूसरा किसे अच्छा और बुरा मानते हैं। यही नहीं दुनिया को यह आज पता है कि भारत के पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रूप में ऐसा लीडर है जो सख्त फैसले ले सकता है। जहां तक चीन की बात है तो 2020 के बाद से सीमा पर सैनिकों के जमावड़े से यह समझा जा सकता है, भारत उसके साथ कैसे निपट रहा है। यह बातें विदेश मंत्री एस.जयशंकर ने शुक्रवार को टाइम्स नाउ समिट 2022 में टाइम्स नाउ के एडिटर इन चीफ एंड एडिटोरियल डाइरेक्टर राहुल शिवशंकर से बातचीत में कही है। विदेश मंत्री ने चीन के साथ भारत की चुनौतियों और उससे कैसे निपटा जाय इसको लेकर भी बात की।

भारत में लोकतांत्रिक तानाशाही तो फिर मोदी क्यों करते हैं मेहनत

विदेश मंत्री उन आरोपों पर, सवाल करते हुए कहा कि जो लोग भारत में लोकतांत्रित तानाशाही की बात करते हैं, उनसे यह पूछना चाहिए कि अगर सब कुछ फिक्स है, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर चुनावों में इतनी कड़ी मेहनत क्यों करते हैं। उन्हें तो चुपचाप बैठ जाना चाहिए। जयशंकर ने यह भी कहा कि जो लोग विदेश से आकर भारत में यह कहकर चले जाते हैं कि भारत में फ्रीडम नही है। लेकिन कई देश ऐसे हैं जहां पर अगर वह यह कह दे तो फिर क्या होगा ?

End of Feed