UCC: राज्यसभा की पूरी गणित समझिए, जानें AAP की भूमिका क्यों है अहम

  • Authored by: ललित राय
  • Updated Jun 29, 2023, 02:01 PM IST

समान नागरिक संहिता पर अगर केंद्र सरकार एक और कदम आगे बढ़ती है तो उसे बिल को संसद के दोनों सदनों से पारित कराना होगा। लोकसभा में गणित तो मोदी सरकार के पक्ष में है। लेकिन राज्यसभा में किस तरह की तस्वीर बनेगी उसे समझने की जरूरत है।

UCC: समान नागरिक संहिता पर लॉ कमीशन के सुझाव के बीच मध्य प्रदेश की एक सभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट तौर पर जिक्र किया। उनके जिक्र करने के बाद सियासत भी गरम है। कांग्रेस, आरजेडी, डीएमके और एआईएमआईएम खुल कर विरोध में हैं तो आप सैद्धांतिक तौर पर समर्थन करती नजर आ रही है जिसका जिक्र राज्यसभा सांसद संदीप पाठक ने भी किया। वहीं शिवसेना और एनसीपी ने समर्थन के संकेत दिए हैं। अगर समान नागरिक संहिता पर सुझाए गए बिंदुओं को शामिल कर लॉ कमीशन ने हरी झंडी दिखा दी तो बिल के रूप में संसद के दोनों सदनों में किया जाएगा। यहां पर हम समझने की कोशिश करेंगे कि सदन में यूसीसी पर हरी झंडी मिलने में सरकार के लिए किस तरह की चुनौती होगी या बिल आसानी से पारित हो जाएगा। लोकसभा में बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत है, यहां पर सवाल राज्य सभा का है। क्या राज्यसभा से बिल पारित कराने में मोदी सरकार कामयाब होगी। आप के वरिष्ठ नेता संदीप पाठक ने कहा कि सैद्धांतिक तौर पर तो पार्टी सहमत है। लेकिन अच्छा होगा कि इस विषय पर सर्वसम्मति से फैसला लिया जाए।

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