Maharashtra Local Body Election: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को टाइम्स नाउ नवभारत के सुशांत सिन्हा के साथ खास बातचीत में पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर जमकर निशाना साधा और मेयर चुनाव जीतने का दावा किया। साथ ही उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे का स्वभाव ऐसा नहीं है कि वह कभी अपनी गलती के बारे में पूछे और उसे स्वीकार करें।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
क्या उद्धव ठाकरे के साथ गठबंधन है मुमकिन?
जब सुशांत सिन्हा ने देवेंद्र फडणवीस से उद्धव ठाकरे के साथ भविष्य में गठबंधन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने खुलकर इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी और मुख्यमंत्री फडणवीस ने गठबंधन की संभावनाओं को ही नकार दिया। उन्होंने कहा, ''संभव नहीं है, क्योंकि राजनीतिक गठबंधन करना आसान होता है... दो अलग दल साथ आते हैं और कॉमन मिनिमम प्रोग्राम बनता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो सकता है। हमारे मन दुखी हो चुके हैं...''
ठाकरे परिवार का क्या होगा? इससे जुड़े सवाल पर फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति से बालासाहेब ठाकरे की विरासत कोई समाप्त नहीं कर सकता है और जरूरी नहीं है कि वह उनके बेटों के पास ही रहे। विरासत दो तरह की होती है, एक- संपत्ति और दूसरी- विचार...संपत्ति उनके बेटों के पास होगी, लेकिन विचारों की विरासत शिंदे साहब के पास होगी... उन्होंने कहा कि मैं जितना उद्धव जी को करीब से जानता हूं, वह कभी अपने करीबी आदमी के पास बैठकर अपनी गलती पूछ लें, यह नहीं होगा। वह उनका स्वभाव नहीं है। मैं ऐसा नहीं कहूंगा कि वह महाराष्ट्र के राहुल गांधी हैं, लेकिन उनके पास बैठ-बैठकर उनके गुण ले रहे हैं।
उन्होंने कहा कि राज ठाकरे अपने बेबाक विचारों के लिए जाने जाते हैं और वह भाषण भी बहुत बढ़िया करते हैं... लेकिन उन्होंने इस चुनाव में उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है... यह मेरा अपना मानना है कि शिवसेना (यूबीटी) के साथ गठबंधन में उन्हें बहुत बड़ा घाटा होगा, उद्धव को नहीं होगा, बल्कि उद्धव ठाकरे को राज ठाकरे का फायदा मिलेगा।
राज ठाकरे को लेकर क्या कुछ बोले फडणवीस?
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि राज ठाकरे को हम साथ में नहीं ले सकते थे, क्योंकि हम बहुत व्यापक विचार वाली पार्टी हैं। जब उन्होंने हिंदुत्व विचार को अपनाया तो हमने उन्हें साथ में लिया, लेकिन जब उन्होंने मराठी के नाम पर उत्तर भारतीयों को पीटना शुरू किया तो यह हमारी पार्टी को मंजूर नहीं था। मैं भी मराठी हूं, मुझे मराठी होने पर बहुत अभिमान है... महाराष्ट्र में मराठी अनिवार्य होना चाहिए, यह हमारी मांग है...
देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि एक समय ऐसा आया जब राज ठाकरे ने अपना झंडा बदला और अपना एजेंडा स्पष्ट किया कि मैं हिंदुत्व के विचार के लिए लड़ूंगा... इसमें मराठी और गैर मराठी दोनों हैं... और उनका विचार हमारे साथ मिल गया और हम साथ आ गए, लेकिन बाद में वह जब वापस चले गए और उनके विचार बदल गए तो हमने उन्हें त्याग दिया।
'मराठी ही होगा मुंबई का महापौर'
एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में फडणवीस ने कहा कि हर चुनाव अपने ढंग का होता है। देश के चुनाव की बात आती है कि पीयूष गोयल नॉर्थ मुंबई से चुनकर संसद में जाते हैं... विधानसभा का चुनाव होता है तो मंगल प्रभात लोढ़ा, योगेश सागर सहित कई उत्तर भारतीय चुनकर आते हैं... हर चुनाव अलग होता है... मुंबई मराठी अस्मिता का केंद्र है और ऐसे में यहां मराठी शख्स मेयर बनना चाहिए...
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि हमारे 78 फीसदी प्रत्याशी मराठी हैं तो महापौर कौन बनेगा? इसका मतलब तो साफ है कि मराठी ही महापौर बनेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों को कोई पद नहीं मिलेगा... ऐसा नहीं है। हम उनको भी साथ लेकर आगे बढ़ाएंगे... उन्होंने आगे कहा कि मुंबई का महापौर हिंदू ही होगा... हम हिंदुत्व की राजनीति क्यों नहीं करेंगे? इसमें क्या गलती है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन जीवन पद्धति हिंदुत्व है और वो संकुचित नहीं है...
