Bihar MLA Horse Trading Case: लोकसभा चुनाव से पहले बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राजद नेता तेजस्वी यादव को घेरने के लिए बड़ा कदम उठा लिया है। हाल ही में नीतीश कुमार ने जब पलटी मारी और तेजस्वी को छोड़कर बीजेपी के साथ आ गए थे, तब बहुमत के जुगाड़ में विधायकों के खरीद फरोख्त का मामला सामने आया था, जिसकी जांच अब नीतीश सरकार ईडी से करवाने की तैयारी कर रही है। विधायकों की खरीद फरोख्त का आरोप राजद पर लगा है, जिसके नेता तेजस्वी यादव हैं।
नीतीश कुमार ने विधायकों की खरीद फरोख्त का मामला ईडी के पास भेजा!
आर्थिक अपराध इकाई कर रही थी जांच
पहले इस मामले की जांच राज्य सरकार की एजेंसी आर्थिक अपराध इकाई कर रही थी, लेकिन अब सूत्रों से मिली बड़ी जानकारी के अनुसार इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई ने ईडी को जांच करने के लिए उससे संपर्क किया है। अब पूरे मामले की जांच ईडी कर सकती है।
जल्द कर सकती है ईडी कार्रवाई
इस मामले में सबसे पहले कोतवाली थाने में मामला दर्ज हुआ था, जिस मामले को आर्थिक अपराध इकाई ने अपने अनुसंधान में लिया था, लेकिन अब बड़ी जानकारी आ रही है कि प्रवर्तन निदेशालय को इस जांच के लिए कहा गया है। संभावना है कि ईडी पूरे मामले में जल्द बड़ी कार्रवाई करेगी।
किसने दर्ज कराया है मामला
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जदयू के एक विधायक ने प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि राजद के नेतृत्व वाले 'महागठबंधन' में शामिल होने के लिए 10 करोड़ रुपये की रिश्वत और मंत्री पद की पेशकश की गई थी। सुधांशु शेखर ने कहा था- "मैं अपने नेता के प्रति वफादार हूं...मैंने एफआईआर में सारी जानकारी दे दी है...मैं किसी दबाव में नहीं हूं...मुझे बहुत बड़ा ऑफर मिला था...मुझे एक मंत्रालय की पेशकश की गई थी और रु. 5 करोड़... मुझे इंटरनेट के जरिए एक कॉल आई। वे मुझसे मिलना चाहते थे लेकिन मैंने उन्हें समय नहीं दिया...।"
