Electoral Bonds Case: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने चुनावी बॉन्ड मामले में सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर दिया है। SBI के चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया कि 1 अप्रैल 2019 से 15 फरवरी 2024 के बीच 22,217 चुनावी बॉन्ड खरीदे गए हैं। स्टेट बैंक के सीएमडी दिनेश खारा ने चुनावी बॉन्ड को लेकर दाखिल किए हलफनामे में कहा कि कोर्ट के आदेश का अनुपालन हो गया है। 1 अप्रैल 2019 से 11 अप्रैल 2019 के बीच 3346 बॉन्ड खरीदे गए तो 1609 ही भुनाए(Redeem)गए। 12 अप्रैल 2019 से लेकर 15 फरवरी 2024 के बीच कुल 18871 बॉन्ड खरीदे गए और 20421 बॉन्ड राजनीतिक दलों में भुनाए या कैश कराए गए। एसबीआई ने इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा सारा डेटा चुनाव आयोग को डिजिटल फॉर्मेट में दिया है।
SBI ने हलफनामा दाखिल कर SC को दी चुनावी बॉन्ड की जानकारी।
187 इलेक्ट्रोल बॉन्ड को राजनीतिक पार्टियों के द्वारा कैश नही करवाया गया
एसबीआई ने अपने हलफनामे में कहा है कि बैंक ने सीलबंद लिफाफे में एक पेनड्राइव में दो पीडीएफ फाइल के जरिए सामग्री सौंपी है जो पासवर्ड से संरक्षित हैं। एसबीआई ने अपने हलफनामा में यह भी कहा कि जिन राजनीतिक पार्टियों के द्वारा इलेक्ट्रोल बॉन्ड के पैसा कैश नहीं करवाया गया है वह पैसा प्रधानमंत्री रिलीफ फंड में चला जाएगा। वहीं एसबीआई ने अपने हलफनामे में ये भी बताया है कि 187 इलेक्ट्रोल बॉन्ड का पैसा राजनीतिक पार्टियों के द्वारा कैश नही करवाया गया वह पैसा प्रधानमंत्री रिलीफ फंड को चला गया है। इस हलफनामे में SBI चेयरमैन ने चुनाव आयोग को भेजे गए पत्र को भी सलंग्न किया है। इसके मुताबिक, चुनावी बांड खरीदेने वाली जानकारी ,इनको भुनाने वाली राजनीतिक पार्टियों की जानकारी दी गई है।
