Election Commission: भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में चुनाव का सबसे अहम योगदान है। ऐसे में चुनावी प्रक्रिया को ज्यादा से ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए चुनाव आयोग द्वारा लगातार बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त की कुर्सी संभालने के बाद से ही ताबड़तोड़ फैसले ले रहे ज्ञानेश कुमार ने चुनावी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए तीन और बड़े फैसले लिए हैं। जिसमें सबसे महत्वपूर्ण मतदाता सूची को ज्यादा से ज्यादा सटीक बनाने के साथ ही वोटर इन्फॉर्मेशन स्लिप (मतदाता पर्ची) को और ज्यादा बेहतर किया जाएगा।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार
चुनाव आयोग के बड़े फैसले
चुनाव आयोग मृतकों का आधिकारिक आंकड़ा अब सीधे रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया से लेगा। इससे ERO (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) को समय-समय पर मृतकों का पंजीकृत आंकड़ा मिलता रहेगा। इसका फायदा ये होगा कि मतदाता सूची को ठीक करने के लिए चुनाव आयोग के अधिकारियों को मशक्कत कम करनी पड़ेगी।
वोटर लिस्ट
वोटर इन्फॉर्मेशन स्लिप (VIS) को वोटर फ्रेंडली बनाने के लिए इसमें कुछ बदलाव किए गए हैं। नई मतदाता सूची में सीरियल नंबर और पार्ट नंबर को बड़े फ़ॉन्ट में अलग से हाइलाइट किया जाएगा। इससे न सिर्फ मतदाताओं को अपना पोलिंग बूथ तलाशने में आसानी होगी, बल्कि मतदान कर्मियों को वोटर का नाम मतदाता सूची में खोने में भी मदद मिलेगी।
बूथ स्तर अधिकारी पहचान पत्र
जनप्रतिनिधि कानून 1950 के सेक्शन 13(B) के तहत इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) बूथ लेवल ऑफिसर(BLO) की नियुक्ति करते हैं। अब इन BLO को फोटो वाला पहचान पत्र दिया जाएगा। इसके पीछे उद्देश्य है कि वोटर वेरिफिकेशन और किसी भी अभियान के समय मतदाता और बूथ लेवल ऑफिसर के बीच बेहतर तालमेल और संवाद हो सके। केंद्रीय चुनाव आयोग और आम मतदाता के बीच की पहली कड़ी माने जाने वाले बूथ लेवल ऑफिस इन नए पहचान पत्र के जरिए घर घर जाकर बेहतर तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा सकेंगे।
