केरल के पूर्व सीएम पिनरई विजयन के आवास पर जांच के दौरान ईडी अधिकारियों पर हमले के मामले में ईडी ने केरल हाईकोर्ट में जवाब दाखिल किया है। इसमें जांच एजेंसी ने कहा है कि मई 2026 में उसके अधिकारियों पर हुआ हमला कोई अचानक हुई घटना नहीं थी,बल्कि पूरी तरह से समन्वित, सुनियोजित और राजनीतिक रूप से संगठित हमला था। एजेंसी ने यह दलील एक आरोपी की जमानत याचिका का विरोध करते हुए अदालत में दाखिल हलफनामे में दी।
ईडी की कार्रवाई
ईडी ने लगाया आरोप
ईडी ने अपने हलफनामे में बताया कि 27 मई को पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास पर कई घंटे तक चली तलाशी कार्रवाई पूरी होने के बाद जब अधिकारी लौट रहे थे। तभी भीड़ ने उनके वाहनों पर हमला कर दिया। इस घटना में एक चालक, एक सीआरपीएफ जवान और टीम का एक सदस्य घायल हो गया था। एजेंसी ने अपने हलफनामे में कहा कि हमला केवल तलाशी का विरोध करने के लिए नहीं था,बल्कि उसका उद्देश्य जांच में बाधा डालना,सरकारी अधिकारियों को उनके वैधानिक कर्तव्यों के निर्वहन से रोकना, जांच अधिकारियों को डराना और आपराधिक न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करना था।
ईडी ने आरोप लगाया कि यह हिंसक,पूर्व नियोजित और राजनीतिक रूप से समन्वित हमला था। जिसमें खतरनाक हथियारों का भी इस्तेमाल किया गया। एजेंसी ने अदालत को बताया कि इस मामले में करीब 300 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से कई अब भी फरार हैं या उनकी पहचान नहीं हो सकी है। इसके अलावा कई गवाहों के बयान अभी दर्ज होने बाकी हैं। ऐसे में आरोपी को जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित हो सकती है।
क्या है मामला?
ईडी ने यह तलाशी पिनराई विजयन की बेटी टी.वीणा और उनकी कंपनी Exalogic Solutions के वित्तीय लेन-देन की जांच के सिलसिले में की थी। जांच एजेंसियों का आरोप है कि 2017 से 2020 के बीच कोचिन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (CMRL) ने आईटी और कंसल्टेंसी सेवाओं के नाम पर वीणा की कंपनी को भुगतान किया,जबकि कथित तौर पर कोई सेवा प्रदान नहीं की गई। हालांकि,टी.वीणा और CMRL ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि यह पूरी तरह वैध व्यावसायिक लेन-देन था। मामला फिलहाल जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
