ED Arrest Banit Singh Talwar: देश में बड़े पैमाने पर ड्रग्स तस्करी और टेरर फंडिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ED के हेडक्वार्टर कार्यालय ने बनीत सिंह तलवार को 23 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया है। उस पर आरोप है कि वह ड्रग्स तस्करी के नेटवर्क और उससे कमाए गए पैसों के लेनदेन में शामिल था। आरोपी को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने उसे पांच दिन की ED हिरासत में भेज दिया है। यह मामला सेमी-प्रोसेस्ड टैल्क में छिपाकर नशीले पदार्थों की बड़े पैमाने पर तस्करी से जुड़ा है। इस नेटवर्क की जांच दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में हुई ड्रग्स बरामदगी के मामलों से भी जुड़ी है।
प्रवर्तन निदेशालय (फोटो साभार- PTI)
NIA की FIR के बाद ED ने शुरू की जांच
ED ने यह जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की ओर से दर्ज FIR के आधार पर शुरू की थी। यह FIR गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), NDPS एक्ट और IPC की धाराओं के तहत हरप्रीत सिंह तलवार और अन्य आरोपियों के खिलाफ दर्ज की गई थी। NIA इस मामले में अब तक छह चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से जुड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी सिंडिकेट के साथ मिलकर काम किया। इस नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड विटायश कोसर उर्फ राजू दुबई बताया गया है। जांच में पाकिस्तानी ISI एजेंटों और अफगान नागरिकों से जुड़े कथित कनेक्शन भी सामने आए हैं।
76 करोड़ हवाला से अफगानिस्तान भेजे
ED की जांच में खुलासा हुआ है कि नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री से कमाए गए करीब 76 करोड़ रुपये हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजे गए। जांच एजेंसी को आशंका है कि इस रकम का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग के लिए किया गया। वहीं, ED की अब तक की वित्तीय जांच में ड्रग्स की तस्करी, नशीले पदार्थों की बिक्री और सामान के रूप में हुए लेनदेन के जरिए करीब 89 करोड़ रुपये की अपराध से कमाई का पता चला है।
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हरप्रीत सिंह तलवार का भाई है बनीत
ED के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी बनीत सिंह तलवार, हरप्रीत सिंह तलवार का भाई है। आरोप है कि हरप्रीत ने कथित मास्टरमाइंड राजू दुबई के साथ मिलकर भारत में नशीले पदार्थों की तस्करी को अंजाम दिया था। हरप्रीत की NIA मामले में गिरफ्तारी के बाद भी बनीत सिंह ऐसी कारोबारी कंपनियों का प्रबंधन करता रहा, जिन पर हरप्रीत का नियंत्रण था।
55 लाख से ज्यादा के लेनदेन की जांच
ED की जांच में सामने आया है कि बनीत सिंह ने मैजेंट इंडिया नाम की कंपनी को 55 लाख रुपये से ज्यादा की रकम दी थी। यह कंपनी हरप्रीत सिंह तलवार के नियंत्रण में थी और ड्रग्स तस्करी से जुड़ी थी। जांच में पैसों को अलग-अलग कंपनियों के जरिए घुमाकर वापस लाने यानी राउंड ट्रिपिंग के कई मामले भी सामने आए हैं। ED के मुताबिक, हरप्रीत अपराध से कमाए गए पैसे को अलग-अलग कारोबारी संस्थाओं में लगाता था। कई स्तरों पर लेनदेन के बाद यह रकम बनीत सिंह तक पहुंचती थी।
कैश जमा कर खरीदीं गाड़ियां
ED का आरोप है कि बनीत सिंह ने नकद रकम जमा करके बेनामी संस्थाओं के नाम पर गाड़ियां खरीदने के लिए पैसे दिए थे, जिन्हें एजेंसी पहले ही जब्त कर चुकी है। इसके अलावा उसने हरप्रीत से मिली रकम को अचल संपत्तियां खरीदने में लगाया, जिसका लाभ अब भी हरप्रीत और उसके परिवार को मिल रहा है।
