Earthquake Today in India 25 March: भारत में कहां भूकंप आया? भारत में बुधवार को तेलंगाना और महाराष्ट्र में भूकंप के झटके लगे हैं। तेलंगाना के मेडक में आज दोपहर 2 बजे भूकंप आया है। मेडक में आए भूकंप की तीव्रता 2.8 थी। इससे पहले आज महाराष्ट्र में सुबह आठ बजे भूकंप आया था। इसके अलावा दिल्ली समेत बाकी राज्यों में भूकंप की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है।
भारत में आज कहां भूकंप आया
भारत में 25 मार्च को भूकंप कहां आया? (Where Did Earthquakes Hit on March 25 In India)
| राज्य | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| तेलंगाना | 2.8 | 2:08:55 PM | 5 KM | मेडक |
| महाराष्ट्र | 3.4 | 8:09:38 AM | 10 KM | हिंगोली |
| गुजरात (24 March) | 2.8 | 5:41:39 PM | 15 KM | 22.216, 70.798 |
दुनिया में 25 मार्च को कहां भूकंप आया? (March 25 Tremors Worldwide)
| देश | भूकंप की तीव्रता | समय | गहराई | केंद्र/प्रभावित क्षेत्र |
| तिब्ब्त (चीन) | 3.6 | 05:23:07 AM | 26 KM | 30.753, 86.457 |
| रूस | 4.9 | 4:05 AM | 10 KM | कामचटका |
| अर्जेंटिना | 4.3 | 3:32 AM AM | 275 KM | सांता रोजा डे टैस्टिल |
| ग्रीस | 4.2 | 3:27 AM | 10 KM | कोस्मिरा |
ग्रीस में भूकंप
ग्रीस यूरोप के उन देशों में शामिल है जहां भूकंप अक्सर महसूस किए जाते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ग्रीस पृथ्वी की सक्रिय टेक्टोनिक प्लेटों के संगम क्षेत्र में स्थित है। यहां अफ्रीकी प्लेट और यूरेशियन प्लेट आपस में टकराती रहती हैं, जिससे जमीन के नीचे लगातार हलचल बनी रहती है और समय-समय पर भूकंप आते हैं। ग्रीस का भौगोलिक स्वरूप भी भूकंप की घटनाओं को बढ़ाता है। देश में कई छोटे-बड़े द्वीप और पहाड़ी इलाके हैं, जहां जमीन की परतें कमजोर होती हैं। खासकर एजियन सागर के आसपास का क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से बहुत संवेदनशील माना जाता है। यहां मध्यम से तेज तीव्रता के भूकंप दर्ज किए जाते हैं, जिनसे इमारतों को नुकसान और लोगों में दहशत फैलने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इतिहास में भी ग्रीस ने कई बड़े भूकंप झेले हैं, जिनमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ। हालांकि, लगातार आने वाले झटकों के कारण यहां की सरकार और वैज्ञानिक संस्थान भूकंप से निपटने के लिए बेहतर निर्माण मानकों और चेतावनी प्रणालियों पर काम कर रहे हैं। इसके बावजूद, विशेषज्ञ मानते हैं कि ग्रीस में भूकंप का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता, इसलिए सतर्कता और तैयारी ही सबसे बड़ा बचाव है।
